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Jabalpur News: अगली सुनवाई के पहले बजट स्वीकृति पर अंतिम निर्णय लेकर बताएं-हाईकोर्ट

डिजिटल डेस्क,जबलपुर। मप्र हाई कोर्ट के गेट नंबर 4 के सामने एडवोकेट चैंबर और मल्टी लेवल पार्किंग प्रोजेक्ट के मामले में मंगलवार को सुनवाई हुई। शासन की ओर से कोर्ट को बताया गया कि उक्त प्रोजेक्ट के लिए वित्त विभाग की स्वीकृति मिल गई है, अब केवल मंत्रिमंडल की औपचारिक अनुमति शेष है। चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा व जस्टिस विनय सराफ की युगलपीठ ने अगली सुनवाई 29 अप्रैल के पहले स्वीकृति पर अंतिम निर्णय लेकर जवाब पेश करने के निर्देश दिए।
कोर्ट ने यह भी कहा कि प्रोजेक्ट का शिलान्यास हुए एक वर्ष हो रहा है। मप्र हाई कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष धन्य कुमार जैन की ओर से अधिवक्ता दिनेश उपाध्याय ने पक्ष रखा। उन्होंने बताया कि बार एसोसिएशन भवन का शिलान्यास 4 मई, 2025 को हुआ था। हाई कोर्ट के गेट नंबर-चार के सामने करीब 117 करोड़ रुपये से आधुनिक लाॅयर्स चैंबर और बहुस्तरीय पार्किंग बनना है। इसका भूमि पूजन मुख्यमंत्री डाॅ. मोहन यादव, सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों की मौजूदगी में हुआ था।
दिव्यांग बच्चों को स्कूल से निकालने पर रोक
मध्यप्रदेश हाई कोर्ट ने एक अंतरिम आदेश के तहत दिव्यांग बच्चों को निजी स्कूलों से निकालने पर अंतरिम रोक लगा दी। चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा व जस्टिस विनय सराफ की युगलपीठ ने जिला शिक्षा अधिकारी, जबलपुर सहित अन्य को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। कोर्ट ने जबलपुर के विभिन्न स्कूलों में अध्ययनरत दिव्यांग यानी विशेष बच्चों के बारे में विस्तृत रिपोर्ट भी पेश करने के निर्देश दिए हैं।
जबलपुर निवासी सौरभ सुबैया की ओर से अधिवक्ता शिवेंद्र पांडे ने पक्ष रखा। उन्होंने दलील दी कि जबलपुर में लगभग 50 शासकीय और 200 निजी स्कूल संचालित हैं। इनमें काफी संख्या में दिव्यांग बच्चे पढ़ते हैं। इनमें से कई न तो बोल सकते हैं और न ही सुन सकते हैं।
कोर्ट को बताया गया कि विजडम वैली व जीडी गोयनका स्कूल ऐसे बच्चों को निकाल रहा है। दिव्यांग बच्चों को स्कूलों से बाहर किए जाने का रवैया उनके मौलिक अधिकार का उल्लंघन है। स्कूलों में विशेष शिक्षकों की नियुक्ति नहीं की गई है।
Created On :   22 April 2026 6:15 PM IST











