चिंताजनक: जालना में 107 महिला श्रमिकों के हिस्टेरेक्टॉमी मामले का एनसीडब्ल्यू ने लिया स्वतः संज्ञान, मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव को लिखा पत्र

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली. राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) ने महाराष्ट्र के जालना जिले में 107 महिला श्रमिकों की कथित तौर पर हिस्टेरेक्टॉमी (सर्जरी के जरिए गर्भाशय को निकालना) मामले का स्वतः संज्ञान लेते हुए इसे चिंताजनक बताया है। आयोग ने महाराष्ट्र के मुख्य सचिव को पत्र लिख कर इस मामले की समयबद्ध जांच और 15 दिनों के भीतर एक्शन टेकेन रिपोर्ट (एटीआर) पेश करने की मांग की है। साथ मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से भी इस मामले में हस्तक्षेप करने का आग्रह किया है।
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एनसीडब्ल्यू अध्यक्ष विजया रहाटकर ने महाराष्ट्र के मुख्य सचिव को लिखे पत्र में मामले की समयबद्ध जांच के साथ ही यह भी पता लगाने को कहा है कि ये महिलाओं की यह सर्जरी किन परिस्थितियों में हुई, क्या नियोक्ता या ठेकेदारों ने महिलाओं पर दबाव डाला था। साथ ही जांच में यह भी पता लगाने को कहा है कि क्या यह सर्जरी चिकित्सकीय रुप से आवश्यक थी और यह महिलाओं की पूर्ण सहमति से हुई है अथवा नहीं। दरअसल,मीडिया में आई खबरों में यह बताया गया है मासिक धर्म के दौरान होने वाले वेतन के नुकसान से बचने और आजीविका बचाए रखने के लिए महिलाओं को विवश होकर यह कदम उठाया है।
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रहाटकर ने मुख्यमंत्री फडणवीस को भी लिखे पत्र में उनसे इस मामले में सीधे हस्तक्षेप करने को कहा, ताकि महिला श्रमिकों के स्वास्थ्य और अधिकारों की रक्षा के लिए जरूरी कदम उठाए जा सकें और किसी भी तरह के दबाव या शोषणकारी रोजगार प्रथाओं को रोका जा सके। आयोग ने प्रभावित महिलाओं के लिए उचित स्वास्थ्य देखभाल, सर्जरी के बाद की देखभाल और काउंसलिंग की भी मांग की है।
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