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बड़ा हादसा: मोवाड़ के पास वाहन पलटने से 27 मजदूर घायल, मेडिकल में 14 का इलाज जारी, तेज रफ्तार से बिगड़ा चालक का संतुलन

Nagpur News. जिले की नरखेड़ तहसील के मोवाड़ गांव के पास वर्धा नदी के समीप सोमवार सुबह करीब 11 बजे एक पिकअप वाहन अनियंत्रित होकर पलट गया। इस हादसे में 27 मजदूर घायल हो गए। स्थानीय नागरिकों और पुलिस की मदद से सभी घायलों को एंबुलेंस के जरिए अस्पताल पहुंचाया गया। इनमें से 14 घायलों को नागपुर रेफर किया गया है। मेडिकल कॉलेज के ट्रॉमा केयर सेंटर में 13 घायलों को भर्ती किया गया है, जबकि एक मरीज को ऑर्थोपेडिक वार्ड में भर्ती किया गया है। घायलों को सिर, छाती, हाथ-पैर और चेहरे पर गंभीर चोटें आई हैं। कुछ मरीजों की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिन्हें डॉक्टरों की निगरानी में ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा गया है। सभी का उपचार जारी है।
संतरा तोड़ने जा रहे थे मजदूर
जानकारी के अनुसार अमरावती जिले की वरुड तहसील के इसमारी, जरूड और बाहदा गांव के 31 मजदूर सोमवार सुबह करीब 10 बजे नरखेड़ के पास बेलोना गांव में संतरा तोड़ने के काम के लिए पिकअप वाहन (क्रमांक MH-27-X-7739) से जा रहे थे। वाहन के चालक व मालिक का नाम विजय निस्वाधे (निवासी जरूड) बताया गया है।
सुबह करीब 11 बजे मोवाड़ के पास वर्धा नदी के समीप वाहन अचानक अनियंत्रित होकर पलट गया और कुछ दूरी तक घिसटता चला गया। हादसे के बाद आसपास के लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और घायलों को वाहन से बाहर निकालकर पुलिस व प्रशासन को सूचना दी। सभी घायलों को पहले मोवाड़ के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर रूप से घायल मजदूरों को नागपुर मेडिकल रेफर किया गया।
तेज रफ्तार के कारण हुआ हादसा
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसे के समय वाहन की रफ्तार काफी तेज थी, जिससे चालक का नियंत्रण वाहन पर से छूट गया। पुलिस दुर्घटना के कारणों की जांच कर रही है। प्रारंभिक तौर पर तेज रफ्तार और क्षमता से अधिक मजदूरों के सवार होने की आशंका जताई जा रही है।
ग्रामीण क्षेत्रों में मजदूरों को असुरक्षित तरीके से ढोने के कारण ऐसे हादसे होने की चर्चा भी सामने आई है। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और पंचनामा कर जांच शुरू कर दी। पूर्व विधायक देवेंद्र भुयार, नगरसेवक ललित खंडेलवाल, दिनेश कुंभारे सहित स्थानीय नागरिकों ने घायलों को तुरंत उपचार दिलाने में सहयोग किया।
कई मजदूरों को गंभीर चोटें
मेडिकल में भर्ती घायलों में बबीता चौधरी (45), सविता कुंभू (40), मंगुबाई उइके (60), संजय कुंभारे (21), फागुलाल सरिया (40), शर्मिला कुंभारे (30), शामवती सरिया (50), शारदा कुंभू (15), विमला सरिया (35), इंदु फाटे (38), हेमंत कुंभारे (24), सुनील इवनाते, आशा कुंभारे और सरस्वती कुंभारे शामिल हैं।
घायलों में कई को सिर, छाती, हाथ-पैर और चेहरे पर गंभीर चोटें आई हैं। कुछ मरीजों की स्थिति को देखते हुए नेत्र रोग, ईएनटी (कान-नाक-गला) और ओरल-मैक्सिलोफेशियल सर्जरी विभाग के विशेषज्ञों द्वारा भी उनकी जांच की गई है।
पहली बार संतरा तोड़ने जा रहे थे
वाहन में सवार राकेश इवनाते (50) इस हादसे में सुरक्षित हैं और अस्पताल में अन्य घायलों की मदद कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि इसमारी गांव में करीब 300 परिवार रहते हैं और आबादी लगभग 1500 है। गांव के 90 प्रतिशत से अधिक लोग मजदूरी करते हैं। गांव में काम नहीं मिलने के कारण लोगों को आसपास के कस्बों और शहरों में मजदूरी के लिए जाना पड़ता है।
सोमवार को भी वे सभी नरखेड़ के पास एक संतरे के बगीचे में संतरा तोड़ने का काम करने जा रहे थे। इसके बदले उन्हें प्रतिदिन 500 रुपये मजदूरी मिलनी थी। मजदूरों को ले जाने और वापस लाने की व्यवस्था ठेकेदार द्वारा की जाती है।
Created On :   16 March 2026 9:02 PM IST












