- Home
- /
- राज्य
- /
- महाराष्ट्र
- /
- नागपुर
- /
- बसपा में संगठन मजबूती के लिए धन...
रणनीति: बसपा में संगठन मजबूती के लिए धन जुटाएंगे कार्यकर्ता, समितियों का होगा विस्तार

Nagpur News. विविध चुनावों में पराजय के बाद बहुजन समाज पार्टी में संगठन को मजबूत बनाने पर जोर दिया जा रहा है। माना गया है कि वर्तमान राजनीति में धनबल का अधिक प्रभाव है। विशेषकर भाजपा व कांग्रेस समान संगठनों की ताकत के समांतर बसपा को खडी करने के लिए धनबल पर अधिक ध्यान देना अनिवार्य माना गया है। लिहाजा संगठन में अब विविध समितियों का विस्तार होगा। कार्यकर्ताओं को लक्ष्य दिया जाएगा कि वे स्वयं पार्टी फंड में बड़ा योगदान दें। साथ ही बहुजनवादियों से संपर्क कर धन का सहयोग लें। रविवार को वर्धा में बसपा का विदर्भ स्तरीय सम्मेलन हुआ। उसमें प्रदेश प्रभारी राज्यसभा सदस्य रामजी गौतम, प्रदेश अध्यक्ष सुनील डोंगरे प्रमुखता से उपस्थित थे। विदर्भ के विभिन्न जिलों से कार्यकर्ताओं को बस या अन्य वाहनों से ले जाया गया था। नागपुर से नागोराव जयकर, पृथ्वीराज शेंडे, उत्तम शेवडे, दादाराव उईके, विवेक हाडके, प्रफुल मानके, दीपक पाटील,महेंद्र मकेश्वर, मोहसीन शेख सहित अन्य पदाधिकारी थे। बसपा के संस्थापक कांशीराम की जयंती के मौके पर आयोजित इस सम्मेलन के माध्यम से संगठन को नए सिरे से विस्तार देने की रणनीति पर भी चर्चा की गई। शहर कार्यकारिणी, युवा कार्यकारिणी, महिला कार्यकारिणी का जल्द ही विस्तार किया जाएगा। कार्यकारिणी के पदाधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी। आवश्यक होने पर कैडर प्रशिक्षण के कार्यक्रम को नये सिरे से गति दी जायेगी। बदली हुई राजनीतिक स्थिति में विचार की राजनीति के महत्व को समझाया जाएगा। समाज भाईचारे के अभियान तहत विविध कार्यक्रम तय किए जाएंगे।
कांग्रेस से अलग
विचारधारा के मामले में बसपा को भाजपा के एकदम विपरित माना गया है। हालांकि भाजपा के साथ बसपा ने गठबंधन सरकार का नेतृत्व भी किया है। बदली हुई राजनीतिक स्थिति में माना जा रहा है कि भाजपा ने हिंदुवादी संगठन के तौर पर अपनी भूमिका को प्रखर किया है। आरोप लगाया जा रहा है कि भाजपा समाज के समृद्ध माने जानेवाले वर्ग का प्रतिनिधित्व कर रही है। ऐसे में बसपा को कांग्रेस के करीब माना जाता है। लेकिन बसपा नेताओं ने कहा कि अब कार्यकर्ताओं की यह भी जिम्मेदारी रहेगी कि वह पार्टी को कांग्रेस से अलग बताये। कांग्रेस नेता राहुल गांधी को भाजपा की ओर से पप्पू कहे जाने का बसपा के प्रदेश अध्यक्ष डोंगरे ने समर्थन किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी की बातें कई बार अबोध बच्चों के समान रहती है। कांग्रेस ने डॉ.बाबासाहब आंबेडकर व कांशीराम का विरोध किया। अब कांग्रेस कार्यकर्ताओं के हाथ में सबसे अधिक बाबासाहब व कांशीराम की तस्वीर रहती है। यह सब समाज का भ्रमित करने का प्रयास है। बसपा कार्यकर्ताओं को इस भ्रम के बारे में जनजागरण के लिए अभियान चलाना होगा।
कांशीराम पैटर्न
कांशीराम ने बसपा के पहले डीएसफोर व बामसेफ के माध्यम से बहुजनों को संगठित करने का प्रयास किया। कर्मचारी-अधिकारियों से आर्थिक सहयोग लिये। नोट भी और वोट भी के नारे लगाए। अब उस पैटर्न को नये सिरे से गति दी जाएगी।
Created On :   16 March 2026 9:09 PM IST












