वोकल फॉर लोकल मुहिम: नाशिक के व्यापारियों को कुंभ के 50 हजार करोड़ के आर्थिक अवसरों से जोड़ने की मुहिम, अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई गति

डिजिटल डेस्क, नागपुर। सिंहस्थ कुंभ मेला महाराष्ट्र की अर्थव्यवस्था को नई गति देने वाला ऐतिहासिक अवसर साबित हो सकता है। इसके जरिए नाशिक और आसपास के क्षेत्रों के स्थानीय व्यापारियों, उद्यमियों तथा युवाओं को बड़े पैमाने पर रोजगार और कारोबार के अवसर मिल सकते हैं। यह बात स्वदेशी व्यापारी मंच के राष्ट्रीय संयोजक और कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के राष्ट्रीय अध्यक्ष बीसी भरतिया ने कही।
'टीम कैट नागपुर' की ओर से सोमवार को नागपुर में 'धर्म आधारित अर्थव्यवस्था' विषय पर आयोजित बैठक में भरतिया ने कहा कि चंद्रगुप्त मौर्य के काल में मेले और तीर्थ व्यापार तथा आजीविका के प्रमुख केंद्र हुआ करते थे। कौटिल्य के अर्थशास्त्र में भी तीर्थों, मेलों और उत्सवों को योगक्षेम यानी व्यापार एवं रोजगार का महत्वपूर्ण आधार माना गया है। इसी प्राचीन आर्थिक मॉडल को ध्यान में रखते हुए नाशिक के व्यापारियों को कुंभ के विशाल आर्थिक अवसरों से जोड़ने का अभियान शुरू किया गया है।
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50,000 करोड़ से अधिक के कारोबार की संभावना
भरतिया ने कहा कि सिंहस्थ कुंभ के दौरान एक विशाल अस्थायी व्यापारिक केंद्र विकसित होगा। इससे 50,000 करोड़ रुपए से अधिक के प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष कारोबार की संभावना है। देश-विदेश से लाखों श्रद्धालुओं के आगमन से होटल, लॉज, परिवहन, ऑटो-रिक्शा, टेंट और स्टॉल संचालकों को कारोबार के नए अवसर मिलेंगे। इसके अलावा सुरक्षा, स्वच्छता और डिजिटल सेवाओं के क्षेत्र में स्थानीय युवाओं के लिए 1 लाख से अधिक रोजगार के अवसर पैदा हो सकते हैं।
किसानों, एमएसएमई और स्थानीय शिल्प को मिलेगा बाजार
उन्होंने कहा कि गोदावरी क्षेत्र के किसानों को फल, फूल, सब्जियां, भुट्टा और मूंगफली जैसे उत्पादों के लिए बड़ा बाजार उपलब्ध हो सकता है। नाशिक की प्रसिद्ध पैठणी साड़ियों, त्र्यंबकेश्वर के रुद्राक्ष, तांबे-पीतल के बर्तनों और पूजा सामग्री के कारोबार में भी वृद्धि की संभावना है। कुंभ स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का महत्वपूर्ण अवसर बन सकता है।
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'लोकल गो ग्लोबल' की अवधारणा के तहत नाशिक के अंगूर, वाइन और मिसल पाव जैसे उत्पादों को भी वैश्विक पहचान दिलाई जा सकती है। इससे स्थानीय लघु उद्योगों और पारंपरिक कारोबार को नई दिशा मिलेगी।
'वोकल फॉर लोकल' को मिले प्राथमिकता
भरतिया ने राज्य सरकार से कुंभ क्षेत्र और आसपास के इलाकों में 'एक जिला, एक उत्पाद' तथा 'वोकल फॉर लोकल' की अवधारणा को प्राथमिकता देने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि स्थानीय उत्पादकों और व्यापारियों के लिए विशेष स्टॉल आरक्षित किए जाने चाहिए, ताकि कुंभ के आर्थिक लाभ का बड़ा हिस्सा स्थानीय लोगों तक पहुंचे और कारोबार केवल बड़े कॉरपोरेट समूहों तक सीमित न रहे।
उन्होंने प्रशासन से स्थानीय किसानों को समय पर बुआई की तैयारी, फरसाण निर्माताओं को उत्पादन की योजना तथा बिस्तर, गद्दे और चादर जैसे जरूरी सामानों के भंडारण के लिए जागरूक करने का भी आग्रह किया।
बैठक में कैट अध्यक्ष राजकुमार गुप्ता, महिला संयोजिका पूजा झाम, संरक्षक किशोर धाराशिवकर, राष्ट्रीय महिला सचिव आरती बादल, अश्विन गुप्ता, जया नगरारे और सचिव विनोद गुप्ता सहित बड़ी संख्या में व्यापारी एवं उद्यमी उपस्थित थे।
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