बड़ा खुलासा: जन्म प्रमाण-पत्र की जालसाजी - 3000 में थमा दिए फर्जी सर्टिफिकेट, झोपड़पट्टियों में अज्ञानता का उठाया फायदा

जन्म प्रमाण-पत्र की जालसाजी - 3000 में थमा दिए फर्जी सर्टिफिकेट, झोपड़पट्टियों में अज्ञानता का उठाया फायदा
  • 100 से अधिक शिकार
  • जन्म प्रमाण-पत्र सबसे अहम दस्तावेज
  • प्रमाणपत्र पर मनपा का यूनिक ‘बार कोड’ नहीं है

Nagpur News. योगेश चिवंडे. किसी भी नागरिक के लिए उसका जन्म प्रमाण-पत्र सबसे अहम दस्तावेज होता है। सरकारी योजनाओं से लेकर नागरिकता साबित करने तक, हर जगह इसकी जरूरत होती है। लेकिन उपराजधानी नागपुर में अब ‘जन्म' के साथ भी बड़ा धोखा होने का मामला सामने आया है। शहर की झोपड़पट्टियों में रहने वाले लोगों की अज्ञानता और कम पढ़े-लिखे होने का फायदा उठाकर दलालों ने सैकड़ों लोगों को चूना लगा दिया। 3,000 से 3,500 रुपए लेकर फर्जी जन्म प्रमाणपत्र बांटने वाले एक बड़े गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है।

सिद्धेश्वरी का मामला है

यह पूरा मामला नागपुर महानगरपालिका द्वारा सिद्धेश्वरी झोपड़पट्टी में लगाए गए विशेष सत्यापन शिविर के दौरान उजागर हुआ। सत्यापन में पता चला कि जिन महिलाओं ने जन्म प्रमाणपत्र बनाया है, उन प्रमाणपत्र पर मनपा का यूनिक ‘बार कोड’ नहीं है। मनपा ने डिजिटल व्यवस्था के तहत 2016 के बाद बने सभी जन्म प्रमाणपत्रों पर यूनिक बार कोड लागू किया है। शिविर में जो जन्म प्रमाणपत्र मिले, वे 2023-24 में बने थे। किन्तु किसी भी जन्म प्रमाणपत्र पर मनपा का बार कोड नहीं था। जिस कारण अधिकारियों ने तुरंत प्रमाणपत्र को बोगस करार दिया। फिलहाल मनपा प्रशासन इस मामले में कानूनी कार्रवाई की तैयारी कर रहा है।

250 के पास प्रमाणपत्र नहीं

मानेवाड़ा से लगे सिद्धेश्वरी गोंड बस्ती झोपडपट्‌टी की दो छात्रा कुमुद धुर्वे और राशि मरकाम का क्रिकेट में बेहतरीन प्रदर्शन के आधार पर विदर्भ क्रिकेट एसोसिएशन (वीसीए) ने उनका सिलेक्शन किया है। आगे की कार्रवाई के लिए वीसीए ने उन्हें जन्म प्रमाणपत्र सहित अन्य कागजातों का वेरिफिकेशन करने को कहा है। लेकिन इस झोपड़पट्‌टी में 250 से अधिक लोगों के अब तक जन्म प्रमाणपत्र नहीं है। वजह, ज्यादातर लोगों का जन्म घरों में हुआ है। अज्ञानता और कम शिक्षा होने से किसी ने जन्म प्रमाणपत्र बनाना भी जरूरी नहीं समझा है, लेकिन अब जन्म प्रमाणपत्र की आवश्यकता महसूस हो रही है। झोपड़पट्‌टी के करीब 65 लोगों ने हनुमाननगर जोन में जन्म प्रमाणपत्र के लिए आवेदन किया है। क्रिकेटर कुमुद धुर्वे और राशि मरकाम भी उसमें से एक है।

महिला दलाल की तलाश

मनपा प्रशासन द्वारा सिद्धेश्वरी झोपडपट्‌टी में हाल ही में एक शिविर लगाया गया। शिविर में आवेदकों के परिजनों से जन्म प्रमाणपत्र दिखाने को कहा गया। कुछ महिलाओं ने अपने जन्म प्रमाणपत्र दिखाए। जन्म प्रमाणपत्र दिखाते ही मनपा अधिकारियों ने इसकी तुरंत पहचान कर ली। बताया कि यह सभी जन्म प्रमाणपत्र फर्जी हैं। किसी भी जन्म प्रमाणपत्र पर मनपा का यूनिक बार कोड नहीं था। जब महिलाओं से इसकी पूछताछ की तो महिलाओं ने बताया कि दलालों के माध्यम से यह जन्म प्रमाणपत्र बनाए गए हैं। किसी से 3 हजार और किसी से 3500 रुपए प्रमाणपत्र बनाने के लिए गए। एक महिला दलाल के माध्यम से यह प्रमाणपत्र बनाए गए। 100 से अधिक लोगों के ऐसे प्रमाणपत्र बनाए गए। वह महिला दलाल कौन है, इसका कोई पता नहीं चल पाया है। फिलहाल इसे शहर में सक्रिय बड़ा गिरोह बताया जा रहा है। पिछले साल भी इस बस्ती में लोगों के फर्जी जाति प्रमाणपत्र बनाने का मामला सामने आया था।

थाने में शिकायत करेंगे

डॉ. अतिकुर्रहमान खान, अधिकारी, जन्म-मृत्यु विभाग मनपा के मुताबिक झोपड़पट्‌टी में रहने वाले ज्यादातर लोग माइग्रेंट है। कोई बाहर से आया है या किसी का जन्म किसी दूसरी जगह पर हुआ है। ऐसे में उनसे जन्म के सबूत मांगे गए थे, जिसमें फर्जी जन्म प्रमाणपत्र बनाने का खुलासा हुआ। ऐसे कितने लोग यह अब जांच का विषय है, लेकिन इस मामले में हनुमान नगर जोन को सूचित कर इसकी शिकायत पुलिस थाने में की जाएगी।


Created On :   5 July 2026 6:16 PM IST

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