एमएसकेवीवाई: किसानों को नहीं मिल रहा सरकार की महत्वाकांक्षी योजना का लाभ, मुख्यमंत्री सौर कृषि विज वाहिणी योजना में सीएम का जिला पिछड़ा

किसानों को नहीं मिल रहा सरकार की महत्वाकांक्षी योजना का लाभ, मुख्यमंत्री सौर कृषि विज वाहिणी योजना में सीएम का जिला पिछड़ा
  • योजना लागू होने पर किसानों को दिन में मिल सकेगी 10 घंटे बिजली
  • सीधा लाभ मिले तो खेतों को पर्याप्त पानी मिल सकेगा
  • कृषि उत्पादकता बढ़ेगी, किसानों का जीवन स्तर ऊपर उठेगा
  • ग्रामीण क्षेत्र में रोजगार के अवसर भी उपलब्ध हो सकेंगे

Nagpur News. विनोद झाड़े | राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री सौर कृषि विज वाहिणी योजना (एमएसकेवीवाई) फेस-2 का लाभ जिले के किसानों को अब तक नहीं मिल सका है। बिजली की कुल खपत के लगभग 30 फीसदी बिजली की जरूरत किसानों को होती है। किसान दिन में 10 घंटे बिजली चाहते हैं। सरकार का इरादा इस योजना के माध्यम से किसानों को दिन में 10 घंटे बिजली देने की है। इस प्रोजेक्ट पर जिले में कई जगह काम चल रहे हैं, लेकिन अभी तक एक भी जगह काम पूरा नहीं हो सका है।

किसानों को 6 माह बाद ही लाभ

राज्य की राजनीति हमेशा किसान व किसानों के मुद्दों पर केंद्रित रही है। किसानों को खेती के लिए दिन में बिजली चाहिए और हर सरकार के लिए यह मुद्दा चुनौती भरा रहा है। विदर्भ में यवतमाल व अमरावती में मुख्यमंत्री सौर कृषि विज वाहिणी योजना का काम पूरा हो गया है। महावितरण नागपुर परिमंडल के तहत नागपुर व वर्धा जिला आता है। वर्धा जिले में कुछ जगहों पर इस प्रोजेक्ट पर काम पूरा हुआ, लेकिन अभी तक किसानों को इसका लाभ नहीं मिल सका है। नागपुर जिले की बात करें तो आधा दर्जन जगहों पर काम चल रहा है। काम पूरा होने में और छह महीने लग सकते हैं। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के पास ही ऊर्जा विभाग है और सीएम के जिले के किसानों को इस योजना का लाभ छह महीने बाद ही मिल सकेगा।

ऐसे समझें योजना को : इस योजना के तहत सभी कृषि फीडर को सौर ऊर्जा पर लाना है। महावितरण 26 से 30 साल के लिए जगह लीज पर लेकर यह प्रोजेक्ट शुरू कर रही है। सरकारी जगह 30 साल व निजी जगह 26 साल के लिए लीज पर ली जा रही है। एक मेगावाट प्रोजेक्ट के लिए 3 एकड़ जगह की जरूरत होती है। यहां से किसानों को सौर ऊर्जा दी जाएगी। हर दिन सुबह 6 से शाम 4 बजे तक बिजली आपूर्ति करने की योजना है।

साढ़े सात एचपी से कम को नि:शुल्क बिजली : साढ़े सात एचपी से कम के कृषि पंप को नि:शुल्क बिजली आपूर्ति की जाएगी। 2030 तक का टारगेट रखकर यह योजना लाई गई है।

कृषि उत्पादन बढ़ेगा : विदर्भ की जमीन कम सिंचित हैै। ऐसे में विदर्भ का किसान हमेशा ही बारिश पर निर्भर रहता है। ज्यादा बारिश होने पर गिला अकाल व कम बारिश होने पर सूखे अकाल की त्रासदी से किसान जूझता रहता है। दिन में बिजली मिलने पर खेतों को पर्याप्त पानी मिल सकेगा। इससे कृषि उत्पादकता बढ़ेगी और किसानों का जीवनमान ऊंचा हो सकेगा। ग्रामीण क्षेत्र में रोजगार के अवसर भी उपलब्ध हो सकेंगे।

काम तेजी से चल रहा है : महावितरण के अधिकारियों ने बताया कि नागपुर जिले में इस योजना पर कई जगह तेजी से काम चल रहा है। अगले कुछ महीने में काम पूरा होने की संभावना है। वर्धा जिले में कुछ जगह इस प्रोजेक्ट पर काम पूरा हुआ है आैर शीघ्र ही इसका लाभ वहां के किसानों को मिलेगा।

Created On :   29 March 2026 8:46 PM IST

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