अंधा हिसाब: शहर की व्यवस्था जिस मनपा के हवाले बिना ऑडिट चल रहा है उसका लेन-देन, आमदनी और खर्च पर आखिर किसकी नजर

शहर की व्यवस्था जिस मनपा के हवाले बिना ऑडिट चल रहा है उसका लेन-देन, आमदनी और खर्च पर आखिर किसकी नजर
  • 3 साल में केवल 3 विभागों के कामों को ही मंजूरी
  • 6 साल से वित्तीय निगरानी व्यवस्था ठप
  • आरोप है कि अनियमितताओं को छिपाने का प्रयास

Nagpur News. महानगरपालिका में वित्तीय मामलों और खर्च को लेकर निगरानी की व्यवस्था करीब 6 साल से ठप पड़ी हुई है। मनपा के प्रमुख करीब 22 विभागों में से अधिकांश में 6 वित्तीय साल सें ऑडिट लंबित बना हुआ हैं। प्रशासन का दावा है कि साल 2022-23 में केवल तीन विभागों बाजार विभाग, प्रवर्तन विभाग और जलप्रदाय विभाग में ही ऑडिट पूरा हुआ है। पिछले 6 साल से ऑडिट लंबित होने से मनपा के आमदनी और खर्च पर निगरानी के दावों पर सवालिया निशान लग रहे हैं।

जान-बूझकर देरी - वरिष्ठ भाजपा नगरसेवक और अधिवक्ता संजय बालपांडे को दी जानकारी में मनपा प्रशासन ने लंबे समय से आडिट नहीं होने को मान्य किया है। एड. बालपांडे का आरोप है कि मनपा के प्रमुख विभागों के ऑडिट में जान-बूझकर देरी कर अनियमितताओं को छिपाने का प्रयास किया जा रहा है। बालपांडे के मुताबिक समय रहते वित्तीय मामलों की जांच होने पर साल 2018-19 से साल 2023-24 के बीच के अनेक विवादास्पद फैसलांे और कामों की अनियमितता सामने आ सकती थी।

पद मान्यकार्यरत पद

मुख्य लेखापरीक्षक

11

मुख्य आंतरिक लेखापरीक्षक

1

1 (अनुबंध पर)

उप आंतरिक लेखापरीक्षक

2

2 (अनुबंध पर)

वरिष्ठ आंतरिक लेखापरीक्षक

16

1

कनिष्ठ लेखापरीक्षक

32

3

चपरासी

5

1

कुल

57

9

प्रशासक राज में भी कई काम

याद रहे, मार्च 2022 से जनवरी 2026 तक मनपा में प्रशासक राज चलता रहा है। मनपा में निर्वाचित प्रतिनिधि नहीं होने पर अनेक पूर्व नगरसेवकों और राजनीतिक दलों के पदाधिकारियों ने मनपा के अनेक विभागों में अनियमितताओं का आरोप लगाया है। इन कामों में लोककर्म विभाग अंतर्गत 40 फीसदी तक कम दर पर ठेकेदारों को काम देने के साथ ही कामों में अतिरिक्त खर्च जोड़कर योजनाओं की लागत बढ़ाने का भी समावेश रहा है। इतना ही नहीं, डीपीडीसी से आवंटित निधि से आरंभ कामों, उद्यान और खेल विभाग में कामों के आवंटन समेत अनेक अनियमितता का समावेश रहा है। वहीं दूसरी ओर संपत्ति कर विभाग, सामान्य प्रशासन सेमत कई विभागों में साल 2018-19 से 2023-24 तक लेखा परीक्षण प्रलंबित हैं। लेखा परीक्षण विभाग में रिक्त पद संख्या को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है।

इन विभागों में लेखा परीक्षा लंबित

  • (साल 2018-19 से 2023-24)
  • सामान्य प्रशासन विभाग
  • संपत्ति कर विभाग
  • नगर रचना विभाग
  • अतिक्रमण निर्मूलन विभाग
  • बाजार विभाग
  • अग्निशमन एवं आपाताकालीन सेवा विभाग
  • समाज कल्याण विभाग
  • शिक्षा विभाग
  • स्वास्थ्य विभाग
  • विद्युत विभाग
  • उद्यान विभाग
  • जलप्रदाय विभाग समेत
  • लेखा संबंधी विभाग

Created On :   29 March 2026 7:07 PM IST

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