Nagpur News: अवैध होर्डिंग्स लगाने वालों की शामत, शुभचिंतकों को झटका, लगेगा भारी दंड

अवैध होर्डिंग्स लगाने वालों की शामत, शुभचिंतकों को झटका, लगेगा भारी दंड
  • मनपा को नामों की सूची प्रस्तुत करने के दिए आदेश
  • कहा - प्रत्येक से 5 लाख रुपये क्यों न वसूले जाएं?

Nagpur News शीत सत्र के दौरान शहर में लगाए गए अवैध होर्डिंग्स के मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर खंडपीठ ने सख्त रुख अपनाते हुए अब अवैध होर्डिंग्स लगाने वाले "शुभचिंतकों' को बड़ा झटका दिया है। सुनवाई में, अदालत ने मनपा को अवैध होर्डिंग्स लगाने वाले "शुभचिंतकों' के नामों की सूची प्रस्तुत करने के आदेश दिए हैं। साथ ही, सूची प्रस्तुत करने के बाद इन "शुभचिंतकों' को कारण बताओ नोटिस जारी करने का भी निर्देश

दिया है। इसके अतिरिक्त, अदालत ने शुभचिंतकों से यह स्पष्टीकरण भी मांगा है कि नियमों का उल्लंघन करने पर प्रत्येक से 5 लाख रुपये क्यों न वसूले जाएं?

जेल भेजने की चेतावनी दी थी : शहर में अवैध होर्डिंग्स को लेकर परिवर्तन एनजीओ के सचिव दिनेश नायडू द्वारा दायर की गई अवमानना याचिका लंबित है। मंगलवार को हुई सुनवाई के दौरान वर्धा रोड पर मेट्रो पिलर पर करीब 60 से ज्यादा अवैध होर्डिंग्स लगाए जाने का अदालत ने गंभीरता से संज्ञान लिया था। अदालत ने मौखिक टिप्पणी में जिम्मेदार अधिकारियों को जेल भेजने की चेतावनी भी दी थी। हालांकि, बाद में मनपा के बार-बार अनुरोध के बाद, अदालत ने मनपा को आखिरी मौका देते हुए पूरे शहर के अवैध और अनधिकृत होर्डिंग्स चौबीस घंटे के अंदर हटाने के सख्त आदेश जारी किए थे।

अवमानना कार्यवाही क्यों न की जाए : इस याचिका पर न्यायमूर्ति अनिल किलोर और न्यायमूर्ति रजनीश व्यास की पीठ के समक्ष सुनवाई हुई। इस दौरान मनपा आयुक्त ने शपथ-पत्र दायर करते हुए शहर से अवैध होर्डिंग्स हटाने की जानकारी दी। परंतु कोर्ट ने केवल इस पर संतुष्टि व्यक्त न करते हुए, सीधे शहर में जगह-जगह अवैध होर्डिंग्स लगाने वाले "शुभचिंतकों' की सूची प्रस्तुत करने के लिए मनपा को आदेश दिए हैं। साथ ही, अदालत ने "शुभचिंतकों' को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए और उनसे स्पष्टीकरण मांगा कि, नियमों का उल्लंघन करने पर प्रत्येक से 5 लाख रुपये क्यों न वसूले जाएं? आप पर आपराधिक के साथ-साथ अवमानना कार्यवाही क्यों न की जाए? इस मामले में याचिकाकर्ता की ओर से एड. तुषार मंडलेकर, मनपा की ओर से एड. जेमिनी कासट और राज्य सरकार की ओर से एड. दीपक ठाकरे ने पैरवी की।


Created On :   11 Dec 2025 11:07 AM IST

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