न्यायमूर्ति विश्वनाथन ने कहा - एआई तकनीक सहायक हो सकती है विकल्प नहीं, तकनीक के साथ सतर्क रहने की सलाह

न्यायमूर्ति विश्वनाथन ने कहा - एआई तकनीक सहायक हो सकती है विकल्प नहीं, तकनीक के साथ सतर्क रहने की सलाह
  • वकीलों को तकनीक के साथ सतर्क रहने की सलाह
  • विवेक, नैतिकता और न्यायिक समझ का विकल्प नहीं बन सकता

Nagpur News. कानून के विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए सर्वोच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति के. वी. विश्वनाथन ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) वकीलों के लिए एक उपयोगी सहायक उपकरण हो सकता है, लेकिन यह उनके विवेक, नैतिकता और न्यायिक समझ का विकल्प नहीं बन सकता। उन्होंने स्पष्ट किया कि एआई सामग्री जुटा सकता है, मसौदा तैयार कर सकता है, परंतु निर्णय नहीं कर सकता। यदि आपने अपनी सोच पूरी तरह एआई को सौंप दी, तो आप वकील नहीं, केवल माध्यम बनकर रह जाएंगे।

विद्यार्थियों का मार्गदर्शन

महाराष्ट्र नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी (एमएनएलयू), नागपुर का चौथा दीक्षांत समारोह शनिवार को विश्वविद्यालय परिसर, वारंगा (वर्धा रोड) में आयोजित किया गया था। इस समारोह के मुख्य अतिथि के रूप में न्यायमूर्ति के. वी. विश्वनाथन विद्यार्थियों का मार्गदर्शन कर रहे थे। न्यायमूर्ति विश्वनाथन ने कहा कि, न्यायालयों के समक्ष ऐसे उदाहरण सामने आ चुके हैं जहां वकीलों ने एआई द्वारा प्रस्तुत किए गए संदर्भों पर भरोसा किया, जो बाद में काल्पनिक निकले। इससे पेशेवर को जो शर्मिंदगी हुई वह अलग विषय है, परंतु वास्तविक नुकसान तो मुवक्किल का हुआ और यही सबसे गंभीर परिणाम है। इसलिए एआई का उपयोग किसी भी अन्य उपकरण की तरह कौशल और सावधानी के साथ करें, और अपने विवेक को हमेशा नियंत्रण में रखें।

Created On :   1 March 2026 7:22 PM IST

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