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Nagpur News: नागपुर के अतिरिक्त बुटीबोरी में भूमि अधिग्रहण अधूरा , कार्य भी अटके

Nagpur News अतिरिक्त बुटीबोरी औद्योगिक क्षेत्र में लंबे समय से प्रस्तावित भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तय समयसीमा के बाद भी पूरी नहीं हो सकी है। जिला प्रशासन ने 31 मार्च 2026 तक करीब 3 हजार एकड़ जमीन अधिग्रहित करने का लक्ष्य तय किया था। हालांकि, सरकारी स्तर पर अब तक महज 300 एकड़ जमीन का ही आवंटन हो पाया है। करीब 2 हजार 700 एकड़ जमीन का अधिग्रहण अब भी लंबित है। इससे नई औद्योगिक परियोजनाओं के शुरू होने में देरी की आशंका बढ़ गई है।
निवेश करार के बाद बढ़ी जमीन की मांग : पिछले साल सितंबर में मुंबई में मुख्यमंत्री फडणवीस की मौजूदगी में 9 कंपनियों के साथ निवेश करार हुआ था। इन कंपनियों ने अतिरिक्त बुटीबोरी औद्योगिक क्षेत्र में उद्योग स्थापित करने की इच्छा जताई थी। प्रस्तावित परियोजनाओं के लिए करीब 5 हजार एकड़ जमीन की जरूरत बताई गई थी। इसके बाद राज्य सरकार और प्रशासन ने भूमि उपलब्ध कराने की दिशा में प्रक्रिया शुरू की थी।
चार कंपनियों को जमीन, उत्पादन भी शुरू : निवेश करार के बाद शुरुआती चरण में करीब 2 हजार एकड़ जमीन चार कंपनियों को आवंटित की गई थी। इनमें से कुछ कंपनियों ने अपनी उत्पादन इकाइयां भी शुरू कर दी हैं। हालांकि, क्षेत्र में उपलब्ध जमीन सीमित होने के कारण बाकी परियोजनाओं के लिए अतिरिक्त भूमि अधिग्रहण की जरूरत सामने आई। इसी के तहत लगभग 3 हजार एकड़ जमीन अधिग्रहित करने का प्रस्ताव तैयार किया गया था।
अधिग्रहण का प्रस्ताव : एमआईडीसी ने अतिरिक्त भूमि अधिग्रहण के लिए प्रस्ताव नागपुर जिलाधिकारी कार्यालय को भेजा था। प्रस्ताव मिलने के बाद जिला प्रशासन ने जमीन की पहचान और अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू की।
सिर्फ 300 एकड़ जमीन का ही आवंटन : प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, अब तक केवल 300 एकड़ जमीन का ही आवंटन हो पाया है। शेष करीब 2 हजार 700 एकड़ जमीन का मामला अब भी लंबित है। अधिग्रहण प्रक्रिया में देरी के कारण कई कंपनियों की परियोजनाएं आगे नहीं बढ़ पा रही हैं। इससे निवेश और औद्योगिक विकास की गति पर भी असर पड़ सकता है।
नई औद्योगिक इकाइयों के लिए जमीन की जरूरत : अतिरिक्त बुटीबोरी में आने वाली अधिकांश कंपनियां सोलर और ग्रीन एनर्जी क्षेत्र से जुड़ी हैं। यह क्षेत्र भविष्य की ऊर्जा जरूरतों को ध्यान में रखते हुए तेजी से विकसित हो रहा है। इन निवेश परियोजनाओं से नागपुर जिले में करीब 35 हजार 425 प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होने का अनुमान है। प्रशासन का दावा था कि अधिकांश कागजी प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। तय समयसीमा तक जमीन उपलब्ध करा दी जाएगी। हालांकि, निर्धारित समय बीतने के बावजूद अधिग्रहण प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है।
Created On :   1 April 2026 1:40 PM IST














