Nagpur News: पहली हाइड्रोलिक लैडर बेड़े में शामिल नहीं दूसरी की खरीदी का रखा प्रस्ताव

पहली हाइड्रोलिक लैडर बेड़े में शामिल नहीं दूसरी की खरीदी का रखा प्रस्ताव
50 करोड़ की लागत से 90 मीटर हाइड्रोलिक प्लेटफार्म लैडर खरीदने की तैयारी

Nagpur News महानगर पालिका के अग्निशमन विभाग ने हाईराइज इमारतों के लिए 90 मीटर हाइड्रोलिक प्लेटफार्म (लैडर) की खरीदी के लिए प्रस्ताव तैयार किया है। हालांकि 70 मीटर हाइड्रोलिक लैडर फिनलैंड की ब्रोंटो स्काइलिफ्ट कंपनी से पहले ही मंगाई जा चुकी है, जिसका अभी आरटीओ में रजिस्ट्रेशन तक नहीं हुआ है, जिससे वास्तविक बेड़े में शामिल नहीं पाई है। यहां खास बात यह है कि पिछले साल जुलाई में मुख्य अग्निशमन अधिकारी और मनपा वर्कशॉप के कार्यकारी अभियंता लैडर को देखने फिनलैंड गए थे, तो उसी समय 70 मीटर की लैडर खरीदने के बजाए 90 मीटर लैडर खरीदी की अनुशंसा क्यों नहीं की गई। 70 मीटर की लैडर खरीद ली गई, जो धूल फांक रही है और फिर से 50 करोड़ की लैडर के लिए प्रस्ताव तैयार कर लिया गया।

जल्द ली जाएगी मंजूरी : करीब दो साल तक लंबी प्रक्रिया के बाद पिछले साल दिसंबर माह में मनपा को 70 मीटर हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म लैडर फिनलैंड स्थित ब्रोंटो स्काईलिफ्ट कंपनी से मिली है। इस लैडर का मुंबई स्थित बृजबासी फायर सेफ्टी प्राइवेट लिमिटेड ने आपूर्ति और तकनीकी परीक्षण किया है। अग्निशमन विभाग से साल 2024-25 के बजट में खरीदी के लिए 40 करोड़ रुपए राशि मिली है। ग्लोबल टेंडर प्रक्रिया से वाहन की लागत 15.10 करोड़ रुपए और सीमा शुल्क के रूप में 4.72 करोड़ रुपए का भुगतान किया गया। इस प्लेटफॉर्म में तकनीकी दिक्कत आने पर तीन साल की वारंटी और 28.95 लाख रुपए की लागत से 5 साल की देखभाल का अनुबंध शामिल है। हालांकि अब भी परिवहन विभाग से रजिस्ट्रेश्न नहीं होने से लैडर को अग्निशमन सेवा में नहीं लिया जा सका है। नई लैडर के लिए जल्द ही स्थायी समिति की मंजूरी ली जाएगी।

होमोलोगेशन प्रमाणपत्र का इंतजार : अग्निशमन विभाग के कलमना प्रशिक्षण केंद्र में 70 मीटर हाइड्रोलिक वाहन का संचालन प्रशिक्षण दिया जा चुका है। वाहन की कार्यप्रणाली और संचालन को लेकर सभी फायर स्टेशन के अधिकारियों और फायरमैनों को ट्रेनिंग दी गई है। वाहन की ईंधन क्षमता, सीढ़ी के संचालन, फायर स्टेशन से घटनास्थल तक पहुंचाने के निर्देशों को भी समझाया जा चुका है, लेकिन फिनलैंड से खरीदी 70 मीटर पुणे आरटीओ से होमोलोगेशन प्रमाणपत्र नहीं मिलने से रजिस्ट्रेशन नहीं हुआ है। होमोलोगेशन प्रमाणपत्र परिवहन विभाग के मानकों का आधिकारिक दस्तावेज है। किसी भी वाहन (कार, मोटरसाइकिल अथवा अन्य) के पुर्जे देश की सड़क सुरक्षा, उत्सर्जन और तकनीकी मानकों के अनुरूप हैं। इस वाहन को बाजार में बेचने अथवा चलाने के लिए कानूनी रूप से स्वीकृत किया गया है। यह वाहन सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण होने के साथ ही उपभोक्ता की सुरक्षा और पर्यावरण की रक्षा करने में सक्षम है।

4570 हाईराइज इमारतों को अनुमति : गौरतलब है कि शहर में साल 2020 से इस साल फरवरी तक 4570 हाईराइज इमारतों को अनुमति दी गई। इसमें रिहायशी और व्यावसायिक दाेनों श्रेणी की इमारतों का समावेश है। मनपा के अग्निशमन विभाग द्वारा शहर में प्रत्येक हाईराइज इमारतों में शरण क्षेत्र को अनिवार्य रूप में स्थापित करने का दावा हो रहा है। हाईराइज इमारतों में राज्य में एकीकृत विकास नियंत्रण और संवर्धन विनियम (यूनिफाइड डेवलपमेंट कंट्रोल एंड प्रमोशन रेग्युलेशन फार महाराष्ट्र), दिसंबर 2020 में लागू किया गया है। इस अधिनियम में मुंबई को छोड़कर पूरे राज्य में बिल्डिंग निर्माण, भूमि उपयोग और एफएसआई के नियम को तय किया गया है।

बहुमंजिला और बेहद ऊंचाई (हाईराइज) इमारत निर्माण के साथ ही अग्निशमन सुदरक्षा, आपदा प्रबंधन, पार्किंग और पर्यावरणीय मानकों को लेकर नियमवली बताई गई है। इस नियमावली में हाईराइज इमारतों में 40 मीटर के बाद 15 मीटर शरण क्षेत्र (रिफ्यूज एरिया) बनाना अनिवार्य है। रिफ्यूज एरिया के रूप में सुरक्षित स्थान से आग अथवा अन्य आपातकालीन स्थिति में इमारत के निवासियों को अस्थायी रूप से आश्रय प्रदान करना होता है, ताकि राहत दल के आने तक सुरक्षित रूप में प्रतीक्षा कर सकें। इस क्षेत्र को आग प्रतिरोधि इलाके रूप में 24 मीटर में 15 मीटर के रूप में आरक्षित रख जाता है, जबकि 24 माले से अधिक की इमारत होने पर प्रत्येक 7वें माले पर अनिवार्य रूप में रखना होता है।

चिह्नित रिफ्यूज एरिया : हाईराइज बिल्डिंग को अनुमति देने से पहले आग और अन्य आपदा से सुरक्षा से संबंधित शरण क्षेत्र को अग्निशमन विभाग से अनुमति ली गई है। 24 मीटर के बाद 15 मीटर रिफ्यूज एरिया चिह्नित नहीं है, इमारत में रहने वाले नागरिकों के अनुपात में क्षेत्र को आरक्षित रखा जाता है। हमने सभी मानकों का पालन किया है। - रितुराज जाधव, सहायक उपसंचालक, नगररचना विभाग, मनपा


Created On :   2 April 2026 1:04 PM IST

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