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Nagpur News: सरकार और राजा धर्मनिरपेक्ष हो सकते हैं, व्यक्ति नहीं : गडकरी

Nagpur News भारतीयत्व व राष्ट्रीयत्व को हिंदुत्व ठहराते केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितीन गडकरी ने कहा है कि सेक्यूलर शब्द की अवधारणा अलग है। सेक्यूलर का मतलब धर्मनिरपेक्ष नहीं बल्कि सर्वधर्मसमभाव होता है। धर्म, जाति के मामले में भाजपा को बदनाम किया गया है। वास्तविकता यह है कि सरकार और राजा धर्मनिरपेक्ष हो सकते हैं, व्यक्ति नहीं। उन्होंने यह भी कहा कि इंदिरा गांधी व राजीव गांधी के निधन के बाद अंतिम विधि के लिए ब्राम्हणों को बुलवाया गया था। वह इसलिए कि गांधी परिवार धर्म को मानता है। भाजपा जिस हिंदुत्व की बात करती है वह धर्म नहीं, बल्कि भारतीय जीवन पद्धति है।
ये थे उपस्थित : सोमवार को भाजपा के 46 वें स्थापना दिन कार्यक्रम में गडकरी बोल रहे थे। तिलक पुतला चौक परिसर महल में आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता भाजपा के शहर अध्यक्ष दयाशंकर तिवारी ने की। महापौर नीता ठाकरे, विधायक कृष्णा खोपडे, विधायक प्रवीण दटके, डॉ.उपेंद्र कोठेकर,प्रा.संजय भेंडे, जयप्रकाश गुप्ता, उपमहापौर लीला हाथीबेड, स्थायी समिति सभापति शिवानी दाणी सहित अन्य भाजपा पदाधिकारी उपस्थित थे।
पूजा पद्धति भले ही अलग, ईरान उज्बेकिस्तान व पाक से रिश्ता : गडकरी ने कहा कि पूजा पद्धति भले ही अलग हो लेकिन ईरान, उज्बेकिस्तान, पाकिस्तान से हमारा रिश्ता रहा है। ईरान में चाबहार पोर्ट निर्माण के सिलसिले में मैं 7 से 8 बार गया। एक बार विशेष विमान से ईरान जाते समय पाकिस्तान से लौटना पड़ा। पाकिस्तान ने विमान को आगे नहीं जाने दिया। बाद में गुजरात लौटकर ईरान गया। ईरान में अयातुल्ला खामनेई ने अपने घर पर चर्चा में बताया कि उनका परिवार लखनऊ के पास के गांव का मूल निवासी है। उनकी मूल भाषा संस्कृत है। तेहरान विश्वविद्यालय ईरान में संस्कृत का अध्ययन कराया जाता है। पर्शियन भाषा की मूल भाषा संस्कृत है।
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कुछ ब्राह्मणों की बातों से हिंदुत्व को नुकसान : केंद्री मंत्री गडकरी ने कहा कि हिंदुत्व को लेकर अपने लोग भी कई बार अलग बातें कर कर देते हैं। कुछ ब्राह्मणों की गलत बातों के कारण हिंदुत्व को नुकसान हुआ है। पूर्व मुख्यमंत्री अब्दुल रहमान अंतुले से चर्चा का संस्मरण साझा करते हुए गडकरी ने कहा कि अंतुले कोंकणस्थ ब्राम्हण थे। उन्होंने अपना उपनाम करंदीकर बताया था। खानपान को लेकर तत्कालीन हिंदू प्रथा के तहत उनका सामाजिक बहिष्कार किया गया।
भाजपा कार्यकर्ता स्थायी पद : गडकरी ने कहा कि कोई भी कुर्सी स्थायी नहीं होती है, लेकिन भाजपा कार्यकर्ता का पद स्थायी होता है। सत्ता की चाह स्वाभाविक है। कई लोग कहते हैं कि मेरा क्या होगा। लेकिन यह नहीं भूलना चाहिए कि भाजपा केवल सत्ता की राजनीति नहीं करती, बल्कि समाज के अंतिम घटक के विकास के लक्ष्य के साथ काम करती है। भाजपा की स्थापना का कार्यक्रम देश में 20 स्थानों पर हुआ था। न्यू इंग्लिश स्कूल महल में कार्यक्रम में राम जेठमलानी और शांतिभूषण ने कहा था कि भाजपा का प्रधानमंत्री बनेगा। उनकी भविष्यवाणी सही साबित हुई।
Created On :   7 April 2026 12:04 PM IST













