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माहौल गमगीन: रोती बिलखती आंखों का दर्द, मासूम की चिता की आग बुझी, लेकिन अब भी धधक रही हैं सवालों की लपटें - क्या मिले इंसाफ

Nagpur News. एक मासूम की दर्दनाक मौत ने पूरे शहर को भीतर तक हिला दिया। 14 वर्षीय अथर्व नानोरे की अंतिम यात्रा रविवार को उस माहौल में निकली, जहां हर कदम पर पुलिस का पहरा था और हर आंख में आंसुओं का सैलाब। घर से लेकर मानकापुर श्मशान घाट तक का रास्ता सिर्फ एक अंतिम यात्रा नहीं, बल्कि शहर के टूटे भरोसे का मौन जुलूस बन गया।
फ्लैशबैक...
लापता होने से लाश मिलने तक
गुरुवार को हनुमान जयंती की शोभायात्रा में शामिल होने गया अथर्व अचानक लापता हो गया था। परिजनों ने थाने में शिकायत दर्ज कराई और शुक्रवार को प्रदर्शन भी किया। शनिवार को भरतवाड़ा पुल के पास बोरी में बंद शव मिलने से सब कुछ खत्म हो गया। शव की हालत ने हत्या की बर्बरता को उजागर कर दिया-बंधे हाथ-पैर, सिर पर चोट और गला दबाने के संकेत। पहचान उसके गले में मिले स्वयंसेवक आईडी कार्ड से हुई। घटना के बाद इलाके में शनिवार को आक्रोश फूट पड़ा। विरोध प्रदर्शन, रास्ता रोको और बाजार बंद जैसी स्थिति बनी रही। अंतिम यात्रा के दौरान भी लोगों में गुस्सा साफ नजर आया।
अथर्व की चिता की आग तो बुझ गई, लेकिन सवालों की लपटें अब भी धधक रही हैं-क्या मासूम को इंसाफ मिलेगा?
ऐसा पहली बार
मेडिकल अस्पताल में पोस्टमार्टम के बाद जैसे ही अथर्व का शव घर पहुंचा, गिट्टीखदान इलाके का माहौल अचानक तनावपूर्ण हो उठा। गुस्से और दर्द के बीच लोगों का सब्र जवाब दे गया। स्थिति की गंभीरता को भांप पुलिस ने पहले से ही इलाके में कड़ा बंदोबस्त कर रखा था। मानकापुर, अंबाझरी और कोराडी समेत कई थानों की पुलिस तैनात की गई थी। शायद यह पहली बार था, जब किसी मासूम की अंतिम यात्रा इतनी कड़ी सुरक्षा में निकाली गई हो। यहां तक कि श्मशान घाट पर भी दंगा नियंत्रण बल और पुलिस अधिकारी मौजूद थे।
हर पहलू से जांच
गमगीन माहौल में अथर्व को अंतिम विदाई दी गई, लेकिन वहां मौजूद हर शख्स के मन में एक ही सवाल था-आखिर इस मासूम की क्या गलती थी? पुलिस लेन-देन, प्रापर्टी विवाद और अन्य कुछ पहलुओं पर ध्यान केंद्रित कर मामले की जांच कर रही है। पुलिस को शक है कि किसी परिचित के साथ वह शोभायात्रा से गया होगा।
करीबियों पर भी शक
अथर्व के करीबियों पर भी शक की सुई घूम रही है। मोबाइल लोकेशन और कॉल डिटेल्स खंगाले जा रहे हैं। चाचा की लोकेशन भी घटना स्थल के आसपास पाई गई, हालांकि उसने खुद को तलाश में वहां होने की बात कही है। अथर्व के कुछ करीबियों पर शक की सुई घूम रही है।
पीएम रिपोर्ट का इंतजार
उसके शव को दो बोरों के अंदर ठूंसकर रखा गया था। जूट का एक बाेरा सिर की ओर से दूसरा पैर की ओर से डालकर शव को लपेटा गया था। गला घोंटकर हत्या किए जाने का संदेह है, पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही पता चल सकेगा।
किसी से कोई दुश्मनी नहीं...
अथर्व के पिता दिलीप नानोरे का दर्द शब्दों में बयां नहीं हो पा रहा था। उन्होंने कहा, “हमारी किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी, फिर मेरे बेटे के साथ ऐसा क्यों हुआ?” अब यह सवाल अब पूरे शहर की जुबां पर है।
Created On :   6 April 2026 7:10 PM IST










