चर्चा में बयान: ऑर्गेनिक घास खाने वाली गाय के दूध की चाय पीने की आदत, मंत्री आशीष जयस्वाल बोले - मैं मुंबई में चाय नहीं पीता

ऑर्गेनिक घास खाने वाली गाय के दूध की चाय पीने की आदत, मंत्री आशीष जयस्वाल बोले - मैं मुंबई में चाय नहीं पीता
  • आशीष जयस्वाल को मुंबई की चाय पसंद नहीं आती
  • मंत्री आशीष जयस्वाल का बयान चर्चा में
  • पर्यावरण संरक्षण और पर्यटन विकास पर भी फोकस

Nagpur News. महाराष्ट्र के वित्त राज्यमंत्री आशीष जयस्वाल का एक बयान इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है। उन्होंने कहा कि वे "मुंबई की चाय नहीं पीते।" इसकी वजह बताते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें ऑर्गेनिक घास खाने वाली गाय के दूध से बनी चाय पीने की आदत है, इसलिए मुंबई में मिलने वाली चाय उन्हें पसंद नहीं आती।

नागपुर के वसंतराव देशपांडे सभागृह में आयोजित 'राज्यमाता गोमाता संवाद यात्रा' के समापन समारोह में जयस्वाल ने गायों के चारे और दूध की गुणवत्ता का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि देश की बड़ी आबादी के लिए गुणवत्तापूर्ण दूध उपलब्ध कराना आवश्यक है, लेकिन गायों को पर्याप्त और पौष्टिक चारा नहीं मिल पा रहा है। इसका सीधा असर दूध की गुणवत्ता पर पड़ता है।

प्लास्टिक के बीच भोजन तलाशती गायें

जयस्वाल ने कहा कि शहरों और कस्बों में कई स्थानों पर गायें सड़कों पर प्लास्टिक के कचरे के बीच भोजन तलाशती नजर आती हैं। यह स्थिति बेहद चिंताजनक है और पशुओं के स्वास्थ्य के लिए भी गंभीर खतरा है। उन्होंने कहा कि ऐसी तस्वीरें देखकर पीड़ा होती है और इस दिशा में ठोस प्रयास किए जाने की आवश्यकता है।

महिला समूहों को 1 रुपये लीज पर मिलेगी जमीन

इस अवसर पर जयस्वाल ने एक महत्वपूर्ण घोषणा भी की। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार महिला स्वयं सहायता समूहों को सरकारी जमीन मात्र एक रुपये की लीज पर उपलब्ध कराएगी, ताकि वहां हरे चारे की खेती की जा सके। उनका कहना था कि इससे गायों को बेहतर और प्राकृतिक चारा मिलेगा, दूध की गुणवत्ता सुधरेगी और पशुपालकों की आय बढ़ाने में भी मदद मिलेगी।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस सहित कई जनप्रतिनिधि और पशुपालन विभाग के अधिकारी उपस्थित थे। गोसेवा और गोसंवर्धन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित इस यात्रा में राज्यभर की हजारों गोशालाओं तथा पशुपालकों ने भाग लिया।

पर्यावरण संरक्षण और पर्यटन विकास पर भी फोकस

आशीष जयस्वाल पर्यावरण संरक्षण और पर्यटन विकास से जुड़े विषयों पर भी सक्रिय माने जाते हैं। वे रामटेक तीर्थ क्षेत्र के विकास के साथ-साथ आदिवासी बहुल क्षेत्रों में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए प्रयासरत हैं। पेंच परियोजना में सी-प्लेन सेवा शुरू करने की योजना पर भी काम चल रहा है। इसके अलावा रामटेक के समीप नवरगांव में महाराष्ट्र की तीसरी फिल्म सिटी विकसित करने की दिशा में भी पहल की जा रही है। पेशे से वकील रहे जयस्वाल स्वयं को किसान और ग्रामीण समाज का प्रतिनिधि मानते हैं तथा उसी सोच के साथ राजनीति में सक्रिय हैं।

Created On :   6 July 2026 6:42 PM IST

Tags

Next Story