बड़ा निशाना: संजय राऊत ने कहा - आघाड़ी नेताओं के बारे में जानबूझकर फैलायी जा रही है अफवाहें

संजय राऊत ने कहा - आघाड़ी नेताओं के बारे में जानबूझकर फैलायी जा रही है अफवाहें
  • राकांपा शरद गुट में टूट की संभावना और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से जयंत पाटील की मुलाकात को लेकर चर्चा
  • संजय राऊत ने गलत ठहराया है

Nagpur News. राकांपा शरद गुट में टूट की संभावना और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से जयंत पाटील की मुलाकात को लेकर चर्चाओं को शिवसेना उद्धव के प्रवक्ता संजय राऊत ने गलत ठहराया है। राउत ने कहा कि पिछले कुछ दिनों से विभिन्न नेताओं के इधर-उधर जाने और राजनीतिक समीकरण बदलने की चर्चाएं चल रही हैं, लेकिन यह सब केवल अफवाहें हैं। उन्होंने कहा कि जयंत पाटील राष्ट्रवादी कांग्रेस (शरद पवार) के नेता हैं और महाविकास आघाड़ी के भी प्रमुख नेताओं में शामिल हैं। शिवसेना, राष्ट्रवादी और कांग्रेस के बारे में जानबूझकर भ्रामक खबरें फैलाई जा रही हैं। बुधवार को राऊत ने पत्रकारों से चर्चा की। उन्होंने कहा कि हाल ही में जयंत पाटील के विधानसभा क्षेत्र इस्लामपुर के एक नगरसेवक को कथित रूप से अवैध तरीके से अयोग्य घोषित किया गया है। संभव है कि इसी मुद्दे पर मुख्यमंत्री से चर्चा करने के लिए मुलाकात की गई हो।

भाजपा और शिंदे गुट के पास कोई बड़ा मुद्दा नहीं है, इसलिए इस तरह की अफवाहें फैलाई जा रही हैं। डिलिमिटेशन को समर्थन की चर्चा निराधार राऊत ने कहा कि राकांपा शरद गुट और शिवसेना उद्धव की ओर से डिलिमिटेशन अर्थात निर्वाचन क्षेत्र पुनर्रचना विधेयक को समर्थन देने की जो खबरें चल रही है, वे पूरी तरह गलत है। राकांपा शरद गुट के संबंध में सुप्रिया सुले विस्तार से पक्ष रखेगी। राऊत ने यह भी कहा कि पिछले विधानसभा सत्र में डिलिमिटेशन विधेयक के स्वरूप को लेकर सरकार के साथ चर्चा हुई थी, जिसमें शिवसेना उद्धव से अरविंद सावंत और राकांपा से सुप्रिया सुले भी मौजूद थे। उन्होंने विपक्षी दलों को तोड़कर बहुमत साबित करने संबंधी चर्चाओं को भी निराधार बताया। सोनम वांगचुक के अनशन पर चिंता जताई राउत ने कहा कि सोनम वांगचुक के अनशन को 17 दिन हो चुके हैं और यह एक गंभीर विषय है। उनकी तबीयत लगातार बिगड़ रही है, जो चिंता का विषय है और सरकार को इस पर ध्यान देना चाहिए।

शाह- शिंदे मुलाकात पर हमला केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की मुलाकात को लेकर राऊत ने तीखी टिप्पणी की। उन्होंने आरोप लगाया कि देश में कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं। यदि कोई व्यक्ति "चोरी का माल" लेकर घूम रहा है और उसे संरक्षण मिल रहा है, तो यह गंभीर मामला है। उद्धव ठाकरे द्वारा रामरक्षा पाठ किए जाने के सवाल पर राउत ने कहा कि वे रामरक्षा सुनाने नहीं आए हैं। उन्होंने कहा कि राम मंदिर को मिले हजारों करोड़ रुपए के दान में कथित अनियमितताओं पर चर्चा होनी चाहिए। राम मंदिर के पास कार्यक्रम आयोजित किए जाने के मुद्दे पर राऊत ने कहा कि उनकी पार्टी रामरक्षा पाठ करेगी और मंदिर परिसर के आसपास सड़क पर कार्यक्रम आयोजित करने पर विचार कर रही है। उन्होंने कहा कि अंतिम निर्णय पार्टी के अन्य सहयोगियों से चर्चा के बाद लिया जाएगा। इसे केवल 300 शब्दों में कसावदार हिंदी में दैनिक भास्कर शैली का समाचार बना दीजिये

Created On :   15 July 2026 7:47 PM IST

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