लोकसभा: सबका साथ, सबका विकास के दावे पर उठा सवाल, सामाजिक उपेक्षा का सामना कर रहा चंदौली का वंचित समाज

सबका साथ, सबका विकास के दावे पर उठा सवाल, सामाजिक उपेक्षा का सामना कर रहा चंदौली का वंचित समाज
  • सामाजिक उपेक्षा का सामना कर रहा चंदौली का वंचित समाजः सांसद सिंह
  • स्पष्ट परिभाषा के अभाव में जाति प्रमाण पत्र बनवाने में कठिनाई

New Delhi News. लोकसभा में उत्तर प्रदेश के चंदौली सीट से सपा सांसद वीरेंद्र सिंह ने सरकार के ‘सबका साथ, सबका विकास’ के दावे को लेकर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि सरकार “सबका साथ, सबका विकास” का दावा करती है, लेकिन चंदौली का वंचित समाज आज भी प्रशासनिक अस्पष्टता और सामाजिक उपेक्षा का सामना कर रहा है।

सांसद सिंह ने गुरुवार को सदन में कहा कि चंदौली जनपद में गोंड, खरवार, पनिका, चेरो, बियार, कोल, भील, भर सहित कई समुदाय ऐसे हैं जिन्हें जाति की स्पष्ट परिभाषा और श्रेणीकरण के अभाव में जाति प्रमाण पत्र प्राप्त करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। इस कारण उन्हें छात्रवृत्ति, आरक्षण और सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पाता, जिससे उनका सामाजिक-आर्थिक विकास बाधित हो रहा है। उन्होंने सरकार से मांग की कि इन समुदायों की जातीय स्थिति स्पष्ट कर प्रमाण पत्र निर्गमन की प्रक्रिया को सरल एवं पारदर्शी बनाया जाए।

सपा सांसद ने आर्थिक सर्वेक्षण में जनजातीय, वनवासी और आदिवासी वर्गों के कल्याण की घोषणाओं का उल्लेख करते हुए चंदौली के लिए 500 बेड का आधुनिक छात्रावास, एक पीएम श्री विद्यालय अथवा कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय की स्थापना तथा एक मिनी स्टेडियम की स्थापना की मांग की। उन्होंने कहा कि इससे जनपद के वंचित वर्ग के छात्र-छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और खेल सुविधाएं मिलेंगी तथा युवा प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा।

Created On :   12 Feb 2026 7:11 PM IST

Tags

और पढ़ेंकम पढ़ें
Next Story