New Delhi News: रालोमो ने सम्राट अशोक जयंती पर राष्ट्रीय अवकाश की मांग की, इतिहास में स्वर्णयुग के रूप में याद किया जाता है मौर्यकाल

New Delhi News. पूर्व केन्द्रीय मंत्री व राज्यसभा सदस्य उपेन्द्र कुशवाहा की अध्यक्षता वाले राष्ट्रीय लोक मोर्चा (रालोमो) ने महान सम्राट अशोक की जयंती पर राष्ट्रीय अवकाश घोषित करने की मांग की है। यह मांग बुधवार को उपेन्द्र कुशवाहा की मौजूदगी में रालोमो के केन्द्रीय कार्यालय में आयोजित सम्राट अशोक जयंती समारोह में की गई। 26 मार्च, चैत्र नवरात्र की अष्टमी तिथि को सम्राट् अशोक की जयंती (अशोकाष्टमी) मनाई जाती है। कुशवाहा ने कहा कि भारत के इतिहास में मौर्यकाल को स्वर्णयुग के रूप में याद किया जाता है, विशेषकर महान सम्राट अशोक के शासनकाल को। तब भारत “सोने की चिड़िया” और “विश्वगुरु” के रूप में विख्यात था। आज हम भारत को फिर से ‘विश्वगुरू’ बनाने की कोशिश में जुटे हैं। रालोमो ने यहां जारी एक बयान में कहा कि इसी गौरवशाली परंपरा को पुनः स्थापित करने की कामना के साथ पार्टी ने सम्राट अशोक की जयंती पर राष्ट्रीय अवकाश घोषित करने की मांग उठाई है। बता दें कि बिहार सरकार पहले ही अशोक जयंती को राजकीय अवकाश घोषित कर चुकी है। इस अवसर पर पार्टी नेताओं ने कहा कि जिस प्रकार भगवान बुद्ध की जयंती (वैशाख पूर्णिमा) पर राष्ट्रीय अवकाश होता है, उसी प्रकार सम्राट अशोक की जयंती को भी राष्ट्रीय स्तर पर अवकाश घोषित किया जाना चाहिए।
यह भी पढ़े -वासनिक ने कहा - हर दिन 12 दलित महिलाओं के साथ होता है बलात्कार, महिलाओं और बच्चों पर बढ़ती यौन हिंसा का मामला उठा
निर्भया फंड’ के तहत लॉन्च हुआ ‘आकांक्षाओं के पंख’ अभियान, लैंगिक संवेदनशीलता के प्रति जागरूकता बढ़ाने एनसीआरटीसी की पहल
उधर नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉरपारेशन (एनसीआरटीसी) के प्रबंध निदेशक शलभ गोयल ने बुधवार को राजधानी दिल्ली के सराय काले खां नमो भारत स्टेशन पर लैंगिक समानता और संवेदनशीलता के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए ‘आकांक्षाओं के पंख’ नामक जागरूकता अभियान का शुभारंभ किया। यह अभियान भारत सरकार के ‘निर्भया फंड’ के अंतर्गत चलाया जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य महिलाओं की सुरक्षा के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाना, यात्रियों को इस विषय में जागरूक करना तथा नमो भारत में सुरक्षित यात्रा परिवेश सुनिश्चित करने के लिए किए जा रहे विभिन्न प्रयासों की जानकारी देना है। इस अवसर पर श्री गोयल ने कहा कि प्रत्येक यात्री के लिए एक सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण सुनिश्चित करना हमारी प्राथमिकता है। एनसीआरटीसी में हम यह मानते हैं कि सुरक्षा केवल इंफ्रास्ट्रक्चर तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सामूहिक ज़िम्मेदारी है। ‘आकांक्षाओं के पंख’ अभियान अगले 5 साल तक चलाया जाएगा। इसके माध्यम से हमारा उद्देश्य जागरूकता बढ़ाना एवं सामाजिक भागीदारी को प्रोत्साहित करना है, जिससे नमो भारत ट्रेन में महिलाओं के लिए विश्वसनीय और सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित की जा सके। कार्यक्रम में निर्भया के माता-पिता आशा देवी और बद्रीनाथ सिंह प्रमुखता से मौजूद रहे।
Created On :   25 March 2026 8:38 PM IST










