दैनिक भास्कर हिंदी: 100 करोड़ वसूली मामला : पूर्व गृहमंत्री देशमुख से नौ घंटे तक हुई पूछताछ, सीबीआई ने जारी किया था समन 

April 14th, 2021

डिजिटल डेस्क, मुंबई। 100 करोड़ रुपए की वसूली के आरोपों की छानबीन कर रही केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने राज्य के पूर्व गृहमंत्री अनिल देशमुख से गुरूवार को करीब नौै घंटे पूछताछ की। जांच एजेंसी के सवालों के जवाब देने के लिए देशमुख सुबह 10 बजे ही मुंबई के सांताक्रूज पूर्व इलाके में स्थित डीआरडीओ गेस्टहाउस पहुंच गए थे। सीबीआई के सवालों के जवाब देकर बाहर निकले देशमुख ने मीडिया से बात नहीं की। 

प्राप्त जानकारी के मुताबिक सीबीआई के एसपी डर्जे के अधिकारियों अभिषेक दुलार और किरण एस ने देशमुख से पूछताछ की। मामले में दूसरे लोगों के बयान के आधार पर देशमुख से पूछे जाने वाले सवालों की लंबी सूची पहले ही तैयार कर ली गई थी। सीबीआई ने यह जानने की कोशिश की कि क्या देशमुख ने सचिन वाझे और दूसरे पुलिस अधिकारियों को मुंबई के बार और रेस्टारेंट से हर महीने 100 करोड़ रुपए की वसूली करने को कहा था। मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को पत्र लिख कर दावा किया था कि देशमुख ने वाझे और दूसरे पुलिस अधिकारियों से मुंबई के 1750 बार और रेस्टारेंट से हर एक से 2 से 3 लाख रुपए हर महीने वसूलने को कहा था।

सिंह ने मामले में हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाते हुए सीबीआई जांच की भी मांग की थी। जिसके बाद अदालत ने सीबीआई को 15 दिन में मामले की प्राथमिक जांच कर रिपोर्ट सौंपने को कहा है। इस मामले में सिंह, वाझे के अलावा देशमुख के निजी सचिव संजीव पलांडे, निजी सहायक कुंदन शिंदे, डीसीपी राजू भुजबल, एसीपी संजय पाटील, बार मालिक महेश शेट्टी और वकील जयश्री पाटील के बयान पहले ही दर्ज कर चुकी है। बता दें कि सिंह ने अपनी शिकायत में यह भी दावा किया था कि देशमुख ने डीसीपी भुजबल और एसीपी पाटिल को भी अपने सरकारी आवास पर बुलाकर जबरन वसूली की बात कही थी।

केंद्रीय जांच ब्यूरो के एक अधिकारी ने बताया कि देशमुख से सुबह 10 बजे से शाम करीब साढ़े छह बजे तक पूछताछ की गई। इसके बाद भी देशमुख कुछ घंटों तक डीआरडीओ गेस्टहाउस में मौजूद थे क्योंकि बयान तैयार कर उस पर हस्ताक्षर की प्रक्रिया पूरी की जानी थी। सूत्रों के मुताबिक देशमुख ने खुद पर लगे आरोपों से इनकार करते हुए दावा किया कि राज्य सरकार को बदनाम करने के लिए आरोप लगाए गए हैं। उन्होंने वाझे या किसी और पुलिस अधिकारी को जबरन वसूली के निर्देश नहीं दिए थे। वही बयान के अध्ययन के बाद सीबीआई इस बात का फैसला करेगी कि देशमुख को दोबारा बयान दर्ज करने के लिए बुलाना है या नहीं। 


 

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