दैनिक भास्कर हिंदी: छिंदवाड़ा : शासकीय कॉलेजों में सहायक प्राध्यापकों के 125 पद खाली

September 3rd, 2017

डिजिटल डेस्क,छिंदवाड़ा। नए अकादमिक सत्र में कॉलेजों में स्नातक स्तर पर परीक्षा प्रणाली में बदलाव हो गया है। वार्षिक प्रणाली के तहत आंतरिक परीक्षाओं का समय नजदीक है, लेकिन शासकीय कॉलेजों में अध्यापन व्यवस्था अभी तक रफ्तार नहीं पकड़ सकी है। गौरतलब है कि जिले के 15 शासकीय कॉलेजों में प्राध्यापकों एवं सहायक प्राध्यापकों के करीब 120 पद खाली हैं। खाली पदों पर अतिथि विद्वानों की नियुक्ति होना है। उच्च शिक्षा विभाग ने अतिथि विद्वानों की नियुक्ति पर अगामी आदेश तक रोक लगा दी है। सितंबर माह में अतिथि विद्वानों की नियुक्ति होने की संभावनाएं कम ही नजर आ रही हैं। अतिथियों के नहीं होने से कॉलेजों में पढ़ाई लड़खड़ा गई है।

जनभागीदारी से अतिथि शिक्षक रखने में समस्या
शैक्षणिक व्यवस्था बनाने के लिए जिले के कुछ शासकीय कॉलेजों में जनभागीदारी से अतिथि विद्वान नियुक्ति किए गए हैं। वहीं अधिकांश कॉलेजों में जनभागीदारी में पर्याप्त बजट नहीं होने के कारण अतिथि विद्वान रखने में समस्या आ रही है। ऐसे में कॉलेजों में उच्च शिक्षा विभाग की प्रक्रिया से अतिथि विद्वान की नियुक्ति होने का इंतजार किया जा रहा है। 

प्रवेश प्रक्रिया में भी हुई देरी
कॉलेजों में प्रवेश प्रक्रिया भी एक माह देरी तक चली। अकादमिक कैलेंडर के अनुसार जुलाई में कॉलेजों में एडमिशन की प्रक्रिया पूरी हो जानी चाहिए थी। विभाग ने प्रवेश प्रक्रिया की तिथियों में कई बार संशोधन किया। अगस्त के अंत तक कॉलेजों में एडमिशन हुए। मामले में अग्रणी कॉलेज के प्राचार्य डॉ. यू के जैन का कहना है कि अतिथि विद्वानों की नियुक्ति प्रक्रिया पर विभाग ने अगामी आदेश तक रोक लगाई है। नियमित प्राध्यापकों एवं जनभागीदारी से नियुक्त अतिथि विद्वानों द्वारा कॉलेजों में अध्यापन व्यवस्था बनाई गई है।

प्राध्यापकों के कितने पद खाली ?
पीजी कॉलेज(23), गर्ल्स कॉलेज(13), पांढुर्ना कॉलेज(13), तामिया कॉलेज(06), लोधीखेड़ा कॉलेज(02), परासिया कॉलेज(11), सौंसर कॉलेज(06), जुन्नारदेव कॉलेज(10),अमरवाड़ा कॉलेज(09), बिछुआ कॉलेज(02), दमुआ कॉलेज(08), र्रई कॉलेज,(08), चांद कॉलेज(01), उमरानाला कॉलेज(03), विधि महाविद्यालय (05)
 

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