दैनिक भास्कर हिंदी: 6 माह में 426 किसानों ने की आत्महत्या, औसतन हर दिन दो किसान लगा रहे मौत को गले

July 2nd, 2018

डिजिटल डेस्क, अमरावती। राज्य सरकार ने किसान कर्जमाफी के लिए भले ही घोषणा की हो, लेकिन कर्ज में डूबे कई ऐसे किसान हैं जिन्हें सरकारी योजना का लाभ नहीं मिल रहा है। कर्ज से त्रस्त किसान हालातों से हारकर आत्महत्या जैसे घातक कदम उठा रहे हैं। किसान आत्महत्या का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है।  विगत 6 माह में संभाग के कुल 426 किसानों ने आत्महत्या करने की बात सामने आयी है। आंकड़ों पर नजर डाली जाए तो यह स्पष्ट है कि संभाग में रोजाना 2 किसान मौत को गले लगा रहे हैं। 

उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार द्वारा 28 जून 2017 को किसान कर्जमाफी की घोषणा की गयी थी। जिसके बाद जिले में 1लाख 21 हजार 255 किसानों को कर्जमाफी लाभ मिला है। 753 करोड़ 14 लाख रुपए की कर्जमाफी  मंजूर की गई है, लेकिन किसान कर्जमाफी की घोषणा के बाद भी अमरावती जिले के साथ-साथ संभाग में किसान आत्महत्याओं का दौर जारी है। 18 साल से संभाग में कर्जदार किसान आत्महत्या कर रहे हैं। 

जनवरी से लेकर जून तक अमरावती जिले में कुल 106 किसानों ने आत्महत्या की है। उसी तरह अकोला में 65, यवतमाल 94, बुलढाणा 226, वाशिम 35 ऐसे कुल 426 किसानों ने मौत को गले लगाया। रोजाना हो रही किसान आत्महत्या : अमरावती जिले में जनवरी माह में 23, फरवरी 20, मार्च 26, अप्रैल 13, मई 14 और जून माह में 10 किसानों ने आत्महत्या की है। इसी तरह अकोला जिले में जनवरी माह में 12, फरवरी 12, मार्च 13, अप्रैल 12, मई 8 और जून माह में 8 किसानों ने आत्महत्या की है।

इसी तरह यवतमाल जिले में जनवरी माह में 17, फरवरी 20, मार्च 14, अप्रैल 11, मई 23 और जून माह में 9 किसानों ने आत्महत्या की है। बुलढाणा जिले में जनवरी माह में 31, फरवरी 18, मार्च 31, अप्रैल 20, मई 20 और जून माह में 6 किसानों ने आत्महत्या की है। इसी तरह वाशिम जिले में जनवरी माह में 3, फरवरी 5, मार्च 5, अप्रैल 8, मई 9 और जून माह में 5 किसानों ने आत्महत्या की है।  किसान आत्महत्या के आंकड़ों से साफ जाहिर होता है कि राज्य सरकार द्वारा की जा रही उपाय योजना अपर्याप्त होने की वजह से ही किसान इस तरह के घातक कदम उठा रहे हैं। 

18 साल में 13,574 किसानों ने की आत्महत्या
अमरावती संभाग में 2001 से लेकर अब तक कुल 13,574 किसानों ने आत्महत्या की है। जिसमें अमरावती जिले में 2001 से लेकर अब तक कुल 3,431, अकोला 2,153, यवतमाल 4,049, बुलढाणा 2,500 और वाशिम जिले में 1,441 किसानों ने कर्जमाफी से तंग आकर आत्महत्या की है।

कर्जमाफी घोषणा के बाद 1066 किसान आत्महत्या
2001 से लेकर अब तक किसानों की आत्महत्याओं का दौर चलता ही आ रहा है। राज्य सरकार द्वारा किसान कर्जमाफी की घोषणा के बाद भी संभाग में किसान आत्महत्या रोकने के लिए सरकार द्वारा किसी तरह के ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। 28 जून 2017 को राज्य सरकार द्वारा किसान कर्जमाफी की घोषणा की गयी थी। उसके बाद भी विगत वर्ष अमरावती जिले में कुल 273 किसानों ने आत्महत्या की थी। उसी तरह अकोला जिले में 167, यवतमाल में 242, बुलढाणा में 312, वाशिम में 72 किसानों ने आत्महत्या की है, ऐसा कुल 1066 किसानों ने कर्ज से तंग होकर आत्महत्या की है।

संभाग के किसानों के लिए 1605 करोड़ रु. की कर्जमाफी
राज्य सरकार द्वारा 28 जून 2017 को किसान कर्जमाफी की घोषणा हुई थी। उस दिन से किसानों ने ऑनलाइन अपना पंजीयन किया था। जिसमें संभाग के कुल 3 लाख 64 हजार 630 किसानों ने कर्जमाफी के लिए पंजीयन किया था। इन सभी किसानों को अब तक 1605 करोड़ रुपए कर्जमाफी का वितरण किया गया।