दैनिक भास्कर हिंदी: सुपर स्पेशलिटी के 5 नए विभाग होंगे शुरु, बाल मृत्यु दर में आएगी कमी

January 7th, 2018

डिजिटल डेस्क, नागपुर। भारतीय बालरोग परिषद ने सुपर स्पेशलिटी के 5 नए विभाग शुरू करने के लिए भारतीय चिकित्सा परिषद (एमसीआई) को प्रस्ताव भेजा है। जो समय की जरूरत है। बालरोग में सुपर स्पेशलिटी शुरू होने से बाल मृत्यु दर में भी बड़ा फर्क देखने को मिलेगा। यह बात भारतीय चिकित्सा परिषद के पूर्व अध्यक्ष अनुपम सचदेव ने रेशमबाग में आयोजित 55वीं भारतीय बालरोग परिषद ‘पेडिकॉन’ में कही। उन्होंने कहा कि अभी सिर्फ तीन विभागों में बालरोेग के सुपर स्पेशलिटी विभागों को मान्यता है। ऐसे में पूर्व, पश्चिम और उत्तर आदि दिशाओं के लोगों को उपचार के लिए दिल्ली आना पड़ता है। इससे परिजन पर आर्थिक असर पड़ता है और वे आधा-अधूरा उपचार करवा कर चले जाते हैं। शहर में कम से कम एक पीडियाट्रिक सुपर स्पेशलिटी का स्पेशलिस्ट होना चाहिए। एमसीआई से हरी झंडी मिलने के बाद मेडिकल कॉलेज को मान्यता लेनी होगी।

इन विभागों में चाहिए सुपर स्पेशलिटी

पीडियाट्रिक डेवलपमेंट
पीडियाट्रिक न्यूरोलॉजी
पीडियाट्रिक नेफ्रोलॉजी
पीडियाट्रिक इंटेंसिव केयर
पीडियाट्रिक एंडोक्रिनोलॉजी

इन विभागों में हैं सुपर स्पेशलिटी

पीडियाट्रिक अंकोलॉजी में 10-12 सीटें, पीडियाट्रिक गेस्ट्रोएंटोलॉजी में 7-8 सीटें एवं पीडियाट्रिक न्यूनेटोलॉजी में भी इतनी ही सीटें हैं।

‘पेडिकॉन’ के उदघाटन पर गडकरी थे मौजूद

इससे पहले सुरेश भट सभागृह में आयोजित 55वीं भारतीय बालरोग परिषद ‘पेडिकॉन’ के उदघाटन के अवसर पर केन्द्रीय मंत्री नितीन गडकरी ने कहा था कि अमेरिका में ऑपरेशन करवाने के लिए मरीज पहली प्राथमिकता भारतीय डॉक्टर को देते हैं। विदेशों में 10 अच्छे डॉक्टरों में 4 भारतीय हैं। शिक्षा सभी को मिलनी चाहिए और उसकी गुणवत्ता से समझौता हुआ तो साख गिरेगी। सरकार के पास सुविधाओं के अभाव के कारण प्राइवेट कॉलेज खोले गए। देश में 9 लाख डॉक्टरों की कमी है। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से महापौर नंदा जिचकार, विधायक सुधाकर कोहले, भारतीय बालरोग परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. संतोष सोअन्स, पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अनुपम सचदेवा, नवनिर्वाचित सचिव रमेश कुमार, डॉ. बकुल पारेख,  परिषद संरक्षक डॉ. उदय बोधनकर, आयोजन समिति के अध्यक्ष डॉ. वसंत खलतकर, सचिव डॉ. जयंत उपाध्ये उपस्थित थे।