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साल 2024 तक देश में 5 ट्रिलियन डालर की अर्थव्यवस्था नामुमकिन- आनंद शर्मा

साल 2024 तक देश में 5 ट्रिलियन डालर की अर्थव्यवस्था नामुमकिन- आनंद शर्मा

डिजिटल डेस्क, मुंबई। राज्यसभा में कांग्रेस के उपनेता आनंद शर्मा ने कहा कि भारत में 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था नामुमकिन है। उन्होंने कहा कि देश में साल 2024 तक 5 ट्रिलियन डालर अर्थव्यवस्था संभव नहीं है क्योंकि इसके लिए देश की जीडीपी 10 से 12 प्रतिशत होनी चाहिए। फिलहाल जीडीपी गिर कर 5 प्रतिशत पर पहुंच गई है अभी संभव है कि इसमें और गिरावट आए। लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ख्यालों की दुनिया में हैं। शुक्रवार को मुंबई कांग्रेस कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत में शर्मा ने कहा कि 10 लाख करोड़ रुपए केंद्र सरकार को जीएसटी और एक्सपोर्टर्स का रिफंड देना बाकी है। इसके अलावा पीएसयू के लाखों करोड़ रुपए के बिल बकाया है। इससे केंद्र सरकार का वित्तिय घाटा 3.3 प्रतिशत नहीं है बल्कि लगभग 8 प्रतिशत के करीब है।

इस पर सीतारमण को जवाब देना चाहिए। शर्मा ने कहा कि बैंक चरमरा गए हैं लेकिन वित्तमंत्री सीतारमण गलत बयानबाजी कर रही हैं। उन्होंने बताना चाहिए कि केंद्र सरकार ने पिछले छह सालों में क्या किया है। शर्मा ने कहा कि महाराष्ट्र में किसानों की सबसे अधिक आत्महत्या हुई है। प्रदेश में बेरोजगारी तेजी से बढ़ रही है। भाजपा ने जो वादा किया था वो पूरा नहीं किया। लेकिन चुनावी रैली में भाजपा जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने की जिक्र कर रहे हैं। शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री देश के पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से अर्थवव्यस्था के मुद्दे पर बात नहीं कर सकते हैं। वो अपने आप में बहुत बड़ा मजाक भी होगा। हम प्रधानमंत्री को ऐसी परेशानी में नहीं डालना चाहते। पर हमारी खुली चुनौती है कि सीतारमण को है वे चाहें तो हमसे चर्चा कर सकती हैं।

भाजपा की ओर से घोषणपात्र में स्वतंत्र वीर सावरकर को भारतरत्न देने के मुद्दे पर शर्मा ने कहा कि भाजपा की केंद्र में 12 साल तक सरकार रही है लेकिन भाजपा को सावरकर की कभी याद नहीं आयी। लेकिन विधानसभा चुनाव में भाजपा को राज्य में नुकसान न हो इसलिए इस मुद्दे को लाया गया है। शर्मा ने कहा कि विधानसभा चुनाव में दुर्भाग्य की बात यह है कि प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री जवाबदेही से बच रहे हैं। भाजपा की ओर से केवल भ्रामक प्रचार शुरू है।

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Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।