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बेमौसम बारिश से 325 तहसीलों में 54 लाख हेक्टेयर फसल बर्बाद, सीएम ने ली की जानकारी 

बेमौसम बारिश से 325 तहसीलों में 54 लाख हेक्टेयर फसल बर्बाद, सीएम ने ली की जानकारी 

डिजिटल डेस्क, मुंबई। प्रदेश में बेमौसम बारिश के कारण लगभग 325 तहसीलों में 54 लाख 22 हजार हेक्टेयर फसलों का नुकसान हुआ है। बेमौसम बारिश से सबसे अधिक फसलों का नुकसान औरंगाबाद विभाग में हुआ है। शुक्रवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बेमौसम बारिश से हुए फसलों के नुकसान और सरकार की ओर से किए गए उपायों की समीक्षा के लिए बैठक की। वर्षा पर हुई बैठक में मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिलों में हुए नुकसान की जानकारी हासिल की। मुख्यमंत्री ने बताया कि किसानों के फैसलों का हुए नुकसान के संबंध में राज्य मंत्रिमंडल की उपसमिति की बैठक शनिवार को बुलाई गई है। राज्य मंत्रिमंडल की उपसमिति फसलों के  नुकसान के लिए स्थायी आदेश के अतिरिक्त तत्काल मदद करने के बारे में फैसला करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की ओर से केंद्र सरकार से मदद की मांग की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी जिलाधिकारियों को जिले में एक तंत्र विकसित करने का निर्देश दिया गया है। जिससे किसान अपनी शिकायतों के बारे में सीधे अधिकारियों से संपर्क कर सकेंगे। मुख्यमंत्री ने पालक मंत्रियों और विधायकों का नुकसान प्रभावित क्षेत्रों का मुआयना करने को कहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि फसलों का हुए नुकसान के पंचनामा का आदेश दिया गया है। बैठक में बीमा कंपनियों को बुलाया गया था। इस बार केंद्र सरकार की बीमा कंपनी और बजाज आलियांज बीमा कंपनी ने किसानों की फसलों का बीमा किया है।

निजी कंपनी के पास फसलों के नुकसान का आकलन करने के लिए भरपुर मानव संसाधन नहीं है। इसलिए सरकार की ओर से किए गए पंचानामे को मान्य करने के निर्देश दिए गए हैं। जिसे कंपनी ने मंजूर किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी गांव में प्रशासन के अधिकारी नहीं पहुंच पाएंगे तो उस गांव के लोगों द्वारा फसलों के नुकसान की तस्वीरें मोबाइल से खींच कर व्हाट्सएप पर अपलोड कर बीमा कंपनी को जानकारी दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन किसानों के फसलों के नुकसान का अब तक पंचनामा नहीं हो सका है, उन्हें भी निश्चित रूप से मदद दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि कई जगहों पर फसलों की कटाई कर खेतों में रखा गया था। अक्टूबर महीने के दूसरे और तीसरे सप्ताह में लगभग हर दिन बेमौसम बारिश हुई। इससे फसलों का काफी नुकसान हुआ है। पिछले चार महीने में चार चक्रवात तैयार हुआ है। इस कारण राज्य में बहुत अधिक बारिश से फसलों को क्षति पहुंची है। 

किस विभाग में कितना नुकसान 

प्रदेश के कोंकण विभाग के 46 तहसीलों में 97 हजार हेक्टेयर, नशिक विभाग के 52 तहसील में 16 लाख हेक्टेयर, पुणे विभाग के 51 तहसीलों में 1.36 लाख हेक्टेयर से अधिक, औरंगाबाद विभाग के 72 तहसीलों में 22 लाख हेक्टेयर, अमरावती विभाग के 56 तहसीलों में 12 लाख हेक्टेयर, नागपुर विभाग के 48 तहसीलों में 40 हजार हेक्टेयर फसलों का नुकसान हुआ है। राज्य भर में लगभग 53 हजार हेक्टेयर फलबाग, 1 लाख 44 हजार हेक्टेयर धान की फसल, 2 लाख हेक्टेयर ज्वार, 2 लाख हेक्टेयर बाजरा, 5 लाख हेक्टेयर मक्का, 19 लाख हेक्टेयर सोयाबीन और 19 लाख हेक्टेयर कपास की फसलों का नुकसान हुआ है।
 

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Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।