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गायगांव पेट्रोल डिपो से पेट्रोलियम पदार्थ चुराते 6 आरोपी पकड़ाए

August 08th, 2018 18:28 IST
गायगांव पेट्रोल डिपो से पेट्रोलियम पदार्थ चुराते 6 आरोपी पकड़ाए

डिजिटल डेस्क, अकोला।Six people stole petroleum substations from the Petroleum Depot Ural police station inspector got the secret information that some people in Gagaon are stealing petroleum products.इस जानकारी के आधार पर पुलिस दल ने छापामार कार्रवाई करते हुए 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके पास से 4 लाख 43 हजार 700 रूपए का माल जब्त कर लिया। 

बालापुर तहसील अंतर्गत आने वाले गायगांव में एचपी पेट्रोलियम, भारत पेट्रोलियम, इण्डेन पेट्रोलियम का डिपो है। इस डिपो से अमरावती संभाग के अकोला, वाशिम, बुलढाणा, यवतमाल, अमरावती में पेट्रोलियम पदार्थों का वितरण होता है। रेलवे से आने वाले इन पदार्थों की चोरी करने वाला गिरोह सक्रिय है। इसी बीच रात को गश्त लगा रहे उरल पुलिस थाना निरीक्षक सतीश पाटील को गुप्त जानकारी मिली कि नातलगवाड़ी के पास खड़ी वैगन से पेट्रोलियम पदार्थों की चोरी कर रहे है। इस जानकारी के आधार पर उन्होंने दल के साथ छापामार कार्रवाई की। इस समय पुलिस ने 6 आरोपियों ने को गिरफ्तार कर लिया। जबकि 3 से चार आरोपी अंधेरे का लाभ उठाकर फरार हो गए।

कार्रवाई के दौरान पुलिस ने तीन वाहन, पेट्रोलियम पदार्थों से भरी कैन समेत 4 लाख 43 हजार 700 रूपए का माल जब्त किया। इस मामले में भारत पेट्रोलियम डेपो के व्यवस्थापक गोविंदकुमार श्यामसुंदर मुंदड़ा  की शिकायत पर पुलिस ने अरारोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया। 

इन लोगों को किया गिरफ्तार  
गायगांव डिपो के पास खड़ी ट्रेन के वैगन से पुलिस ने पेट्रोलियम पदार्थ चोरी करते समय साहेबखान शमशेरखान (27), सुधाकर भिकाजी रणवरे (48), अक्षय प्रकाश आगरकर ( 20 ), रूपेश रमेश भाकरे (19), गणेश रामकृष्णा भाकरे (43), शिवहरी प्रकार भाकरे (28) शामिल हैं। जबकि पुलिस को देखकर कुछ आरोपी अंधेरे का लाभ उठाकर फरार होने में कामयाब हो गए। 

माल किया गया जब्त
पुलिस ने छापे के पश्चात वहां से कार एमएच 01 एसी 0535 से 12 प्लास्टिक कैन जिसमें 30 लीटर की  पेट्रोलियम पदार्थ  भरा हुआ था, 3 खाली कैन, पाईप, टाटा जिप क्रमांक एम.एच 30 बी 0732 जिसमें  30 लीटर की 4 प्लास्टिक कैन, 54 खाली प्लास्टिक कैन, एक प्लास्टिक पाईप, 16 कैन में निकाला गया पेट्रोलियम पदार्थ, कार एमएच 01 एसी 0535 का जब्त कर लिया। 

दो शिफ्टों में करते थे चोरी
गायगांव डिपो से पेट्रोलियम पदार्थों की चोरी करने वाले दो गिरोह सक्रिय हैं। जिसमें दोनों गिरोह अपने तरीके से अंजाम दिया करते हैं। रात में पेट्रोलियम पदार्थों की चोरी करने वाला गिरोह खड़ी ट्रेन के सील तोड़कर निकालता है। जबकि दूसरे गिरोह का चोरी करने का तरीका पहले गिरोह से अलग है। दूसरा गिरोह डिपो से पेट्रोलियम पदार्थ भरकर निकले टैंकर चालकों से सांठगांठ करते हुए टैंकरों से पेट्रोलियम पदार्थ निकालते हैं, जिसके एैवज में रकम अदा की जाती है। टैंकर चालक से इन पेट्रोलियम पदार्थ से खरीदकर दूसरे लोगों को अधिक दामों पर बेचा जाता है। 

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।