गोंदिया: तेंदुए की खाल और पैंगोलिन के अंगोंं की तस्करी करनेवाले 7 गिरफ्तार

July 25th, 2022

डिजिटल डेस्क, गोंदिया. तेंदुए की खाल व पैंगोलिन प्राणी के अवशेषों की तस्करी करने के मामले में नागपुर के विभागीय वन अधिकारी की सतर्कता टीम व गोंदिया वन विभाग की टीम को मिली गुप्त जानकारी के आधार पर सड़क अर्जुनी वन परिक्षेत्र में आनेवाले ग्राम खजरी में जाल बिछाकर कर अवशेषों की बिक्री करने के पूर्व ही सात आरोपियों को रंगेहाथ गिरफ्तार किया गया। उनके पास से एक तेंदुए की खाल, पैंगोलिन के साढ़े तीन किलो शल्क व तीन दोपहिया वाहन जब्त किए गए हंै। यह कार्रवाई शनिवार,23 जुलाई की रात्रि में की गई है। गिरफ्तार आरोपियों के नाम गोरेगांव निवासी निखिल नीलकंठ अगडे (31),

 27 तक एफसीआर 

सुरेश जाधव, आरएफओ, सड़क अर्जुनी वन विभाग के मुताबिक फिल्मी स्टाइल से इन सभी आरोपियों को अपने जाल में फास लेने में वन विभाग की टीम को सफलता मिली है। सभी 7 आरोपियों को जिला सत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। मा. न्यायालय ने सभी आरोपियों को 27 जुलाई तक एफसीआर में रखने का आदेश सुनाया है।

गोरेगांव तहसील के मोहाड़ी निवासी हेमराज ओमकार उके (32), सड़क अर्जुनी निवासी मनोज नारद मानकर (22), थाटेझरी निवासी नरेश दामा ठाकरे(39), मनोज दामा ठाकरे(35) व कैलाश काशिराम घुमके (24), मिथुन छबीलाल घुमके(28), दोनों सड़क अर्जुनी के खजरी गांव है। उक्त सभी आरोपियों के खिलाफ सड़क अर्जुनी वन परिक्षेत्र कार्यालय में भारतीय वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1962 के तहत मामला दर्ज किया गया है। यहां बता दें कि जिले में वन संपदा के साथ-साथ बाघ, तेंदुए, पैंगोलिन सहित विभिन्न दुर्लभ वन्यप्राणी विचरण करते हंै। शिकारी अंधविश्वास के चलते दुर्लभ वन्यजीवों की शिकार कर उनके अवशेषों की ऊंचे दाम में बिक्री करते हंै। इसी तरह नागपुर के विभागीय वन अधिकारी की सतर्कता टीम व गोंदिया वन विभाग की टीम को गुप्त जानकारी मिली थी कि ग्राम खजरी में तेंदुए की खाल व पैंगोलिन के शल्क तस्करों द्वारा बेची जाने वाली है।

जानकारी  के आधार पर यहां परिसर में जाल बिछाया तथा अवशेषों को बेचने के पूर्व ही 7 आरोपियों को धर दबोच लिया है। उपरोक्त कार्रवाई नागपुर विभागीय वन अधिकारी प्रीतमसिंह कोडापे, सहायक वन संरक्षक एन.जी. चांदेवार, प्रदीप पाटील, वन परिक्षेत्र अधिकारी पवनी के वन्यजीव लहु ठोकड, सड़क अर्जुनी वन परिक्षेत्र अधिकारी सुरेश जाधव तथा उनकी टीम ने की है। इस मामले की जांच उपवन संरक्षक कुलराजसिंह, सहायक वन संरक्षक प्रदीप पाटील के मार्गदर्शन में की जा रही हंै।