नागपुर: मेयो-मेडिकल में शुरू नहीं हुआ आधार एट बर्थ, पंजीयन करने को भी प्राथमिकता

November 27th, 2022

डिजिटल डेस्क, नागपुर। जिले में 5 साल तक के बच्चों का आधार पंजीयन प्राथमिकता से करने की सूचना जिलाधिकारी डॉ. विपिन इटनकर ने दी है। ‘आधार एट बर्थ’ योजना अंतर्गत अस्पतालों में जन्मे बच्चों का पंजीयन करने को भी प्राथमिकता दी गई है। इसके अंतर्गत डागा, मेयो व मेडिकल में भी आधार पंजीयन करना शुरू करने का निर्देश दिया गया था। लेकिन केवल डागा अस्पताल को छोड़ बाकी अस्पतालों में बच्चों के आधार पंजीयन का काम शुरू नहीं हुआ है। इस काम को शुरू करने में और एक सप्ताह का समय लगने की संभावना व्यक्त की गई है। 

जिलाधिकारी ने दी है सूचना : 16 नवंबर को जिलाधिकारी डॉ. विपिन इटनकर ने 0 से 5 साल के बच्चों का आधार पंजीयन कराने के लिए सूचना दी थी। इसके लिए निजी व सरकारी अस्पतालों को डाक विभाग के आधार पंजीयन केंद्र की मदद लेने को कहा गया था। संबंधित विभागों को इस बारे में सूचना दी गई थी। बच्चों का आधार कार्ड नहीं होने से परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसलिए बच्चों का आधार पंजीयन कराना जरुरी बताया गया था। इसके अंतर्गत डागा अस्पताल में ‘आधार एट बर्थ’ की शुरुआत की गई है। यहां हर रोज औसत 15 बच्चों का जन्म होता है। डागा प्रशासन ने जिलाधिकारी की सूचना पर अमल करते हुए यह काम शुरू किया है। 

बैठक के बाद करेंगे शुरुआत : शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय व अस्पताल (मेडिकल) और इंदिरा गांधी शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय व अस्पताल (मेयो) में अब तक ‘आधार एट बर्थ’ शुरू नहीं हो पाया है। सूत्रों ने बताया कि मेडिकल व मेयो में भी डाक विभाग के आधार पंजीयन टीम उपलब्ध करा दी गई है। लेकिन अब तक वहां इसकी शुरुआत नहीं हो पाई है। ‘आधार एट बर्थ’ करने के लिए जिलाधिकारी का पत्र मिला है। लेकिन एक बैठक होने के बाद ही इसकी शुरुआत की जाएगी। इसके लिए डाक विभाग के कर्मचारियों के साथ समन्वय के लिए अस्पताल का एक कर्मचारी होगा। फिलहाल इस पर कोई निर्णय नहीं लिया गया है। सूत्रों ने बताया कि अगले सप्ताह तक दोनों अस्पतालों में ‘आधार एट बर्थ’ शुरू हो जाएगा। शहर के डागा में हर रोज औसत 15, मेयो में 10 और मेडिकल में 12 शिशुओं का जन्म होता है। सभी बच्चों का आधार पंजीयन किया जाएगा।