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नाकाबंदी में 297 पर कार्रवाई, 878 हिरासत में, कोराेना संबंधी उल्लंघन के 32 मामले दर्ज

नाकाबंदी में 297 पर कार्रवाई, 878 हिरासत में, कोराेना संबंधी उल्लंघन के 32 मामले दर्ज

डिजिटल डेस्क, नागपुर। जनता कर्फ्यू के दौरान अलग- अलग स्थानों से अस्थापना बंद संबंधी आदेश का उल्लंघन करनेवाले 878 लोगों को हिरासत में लिया गया। बाद में उन्हें छोड़ दिया गया। शहर में पुलिस नाकाबंदी के दौरान 297 वाहन चालकों का चालान हुआ। उधर, कोरोना संबंधी उल्लंघन करने वाले 32 मामले दर्ज किए गए हैं। जनता कर्फ्यू के मद्देनजर शहर में लगाया गया पुलिस बंदोबस्त अब रविवार की रात 9 बजे से लेकर सोमवार की सुबह 5 बजे तक जारी रहेगा। इस बंदोबस्त में रविवार को रात 8 बजे शिथिलता दी जानेवाली थी, लेकिन इसे सोमवार की सुबह 5 बजे तक बढ़ा दी गई है। उधर, पुलिस आयुक्त डॉ. भूषण कुमार उपाध्याय ने जनता का आभार जताया और कहा कि अभी तक संकट टला नहीं है। संकट आगे और भी है। अति आवश्यक होने पर ही घर से बाहर निकलें।

पुलिस आयुक्त से लेकर अधिकारी- कर्मचारी तक उतरे मैदान में
जनता कर्फ्यू के दौरान शहर में रविवार को पुलिस आयुक्त डाॅ. भूषण कुमार उपाध्याय से लेकर सिपाही तक सभी मैदान में नजर आए। उत्तर नागपुर में जहां अतिरिक्त पुलिस आयुक्त डॉ. नीलेश भरणे मोर्चा संभाले नजर अाए, वहीं पुलिस परिमंडल 1 में उपायुक्त विवेक मासाड, पुलिस परिमंडल 2 में उपायुक्त विनीता साहू, पुलिस परिमंडल 3 में उपायुक्त राहुल माकणीकर, पुलिस परिमंडल 4 में उपायुक्त निर्मला देनी, पुलिस परिमंडल 5 में उपायुक्त नीलोत्पल के मार्गदर्शन में नाकाबंदी से लेकर तमाम बंदोबस्त लगाए गए थे। 

पुलिस नियंत्रण कक्ष में रखा गया आरक्षित बल 
40 अधिकारी व 176 कर्मचारियों को नाकाबंदी के लिए तैनात किया गया है। पुलिस नियंत्रण कक्ष के अंदर अपराध शाखा पुलिस विभाग के 2 दस्ते, आर्थिक अपराध शाखा पुलिस विभाग के 1 दस्ते और पुलिस  मुख्यालय के 7 दस्ते (इसमें प्रत्येक दस्ते में 10 पुरुष कर्मचारी व 5 महिला कर्मचारी) को पुलिस नियंत्रण कक्ष में आरक्षित रखा गया है, जिनका उपयोग जरूरत करने पर किया जाएगा। 

यात्रियों को घर जाने के लिए बस सेवा
रेलवे की ओर से सभी पैसेंजर ट्रेनें रद्द कर दी गई थीं। फिर भी लंबे रूट की कुछ ट्रेनें चल रही थीं। इसमें कई लोग नागपुर भी पहुंचे। स्टेशन से घर जाने के लिए किसी तरह की यातायात सुविधा नहीं थी। कर्फ्यू के कारण ऑटो रिक्शा, टैक्सी और अन्य प्रशासकीय बसें भी बंद रहीं। इसको ध्यान में रखते हुए रेलवे की ओर से यात्रियों को स्टेशन से पारडी, काटोल नाका, बुटीबोरी सहित गंतव्य स्थानों तक पहुंचाने के लिए मनपा की सहायता से तीन बसों की व्यवस्था की गई। यह बस सुविधा सोमवार दोपहर तक यात्रियों को मिलती रहेगी। रेलवे की ओर से यात्रियों की सुविधा के लिए स्टेशन पर पुख्ता इंतजाम किए गए थे। स्टेशन से प्लेटफार्म पर आने और जाने वाले सभी यात्रियों के तापमान की जांच की जा रही थी। प्लेटफार्म पर जाने से पहले सभी को सैनिटाइजर से हाथ साफ कराए जा रहे थे। आरपीएफ और जीआरपी का स्टाफ स्टेशन की निगरानी कर रहा था। 

रेलवे की सराहनीय पहल
मैं नागपुर निवासी हूं। मैं आंध्र प्रदेश से जीटी एक्सप्रेस से दोपहर 1 बजे नागपुर आया हूं। स्टेशन पर पहुंचा तो घर जाने के लिए ऑटो नहीं मिल रहे थे। तभी रेलवे के कर्मचारी ने मुझसे पूछा कहा जाना है और मुझे बस में बैठाया है। यह सुविधा बहुत अच्छी है। विजय आनासानी, यात्री

कुछ दुकानों पर भीड़ जुटने लगी तो पुलिस ने उन्हें बंद कराया
रविवार को भी कुछ दुकानें खुली थीं। इन दुकानों पर लोग इकट्ठे हो रहे थे, इसलिए इन्हें पुलिस ने बंद कराया।
-रवींद्र कदम, सहायक पुलिस आयुक्त, नागपुर शहर  
 

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।