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एयर फेस्ट-2019 : सारंग हेलीकॉप्टर, सूर्यकिरण विमान दिखाएंगे हवा में करतब

एयर फेस्ट-2019 : सारंग हेलीकॉप्टर, सूर्यकिरण विमान दिखाएंगे हवा में करतब

डिजिटल डेस्क, नागपुर।  भारतीय वायुसेना के 87वें स्थापना दिवस और भारतीय वायुसेना के मेंटेनेंस कमांड मुख्यालय की 65वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में नागपुर एयर फेस्ट-2019 का आयोजन किया जाएगा, जिसमें सारंग हेलीकॉप्टर, सूर्यकिरण विमान हवा में बेतहरीन प्रदर्शन करेंगे। एयर फेस्ट में होने वाले करतब रोंगटे खड़े कर देने वाले रहते हैं। यह आयोजन वायुसेना नगर में 10 नवंबर को सुबह 9.30 बजे से होगा। रिहर्सल 8 नवंबर को होगी। इससे पहले नागपुर में एयर फेस्ट का आयोजन 4 साल पहले हुआ था। वर्ष-2015 में एयर फेस्ट का आयोजन वायुसेना ने किया था। तब से यह लोगों के लिए आकर्षण का केन्द्र रहा है। 

आकर्षण का केन्द्र रहेगा
- सूर्यकिरण एरोबेटिक टीम (एसकेएटी) एचजेटी-16 किरण एमके.2, हॉक 132 ट्रेनर एयरक्राफ्ट के साथ हवा में अद्भुत करतब का प्रदर्शन करने वाली है। भारतीय वायुसेना इस विमान का उपयोग लड़ाकू विमानों के पायलट को युद्धाभ्यास और हथियार वितरण का प्रशिक्षण देने के लिए करती है। यह काफी महत्वपूर्ण प्रदर्शन होता है।
- सारंग हेलीकॉप्टर की टीम भारतीय वायुसेना की है। सारंग हेलीकॉप्टर को हिंदुस्तान एयरोनोटिक्स लिमिटेड (एचएएल) ने ध्रुव हेलीकॉप्टर को संशोधित कर बनाया है। इन्हें एडवांस लाइट हेलीकॉप्टर (एएलएच) के नाम से जाना जाता है।
- आकाश गंगा स्काई ड्राइविंग, विमान से जवान ड्राइविंग करते हैं। यह जवान हवा में अटखेलियां करते हैं और फिर भारतीय वायुसेना व भारत का ध्वज खुले आसमान में लहराते हैं। अंत में पैराशूट से उतरते हैं।जवानों का यह प्रदर्शन देखने योग्य होता है। 
- एयर वॉरियर ड्रिल टीम (एडब्ल्यूडीटी) के हैरतअंगेज करतबबाजी देखकर दर्शक दांतों तले उंगलियां दबा लेते हैं। इस अद्भुत प्रदर्शन में रायफल को घुमाने का तरीका, घूमती हुई रायफल के बीच से जवान का निकलना, एक अदभुत प्रस्तुति होती  है।
- इस अवसर पर एयरो माॅडलिंग की भी प्रस्तुति दी जाएगी। बताया जा रहा है कि, इस अवसर पर लड़ाकू विमान सुखोई भी आने की संभावना है। ऐसे में संभवत: उसका प्रदर्शन भी देखने के िलए मिल सकता है।

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।