दैनिक भास्कर हिंदी: इंजीनियरिंग प्रवेश के लिए अवधि बढ़ाई, चंद्रपुर के सिद्धीविनायक कॉलेज में फार्मास्युटिकल कोर्स की मंजूरी

July 28th, 2019

डिजिटल डेस्क, मुंबई। उपराजधानी समेत प्रदेश भर में भारी बारिश के कारण इंजीनियरिंग कैप राऊंड दो के लिए विद्यार्थियों के रिपोर्टिंग की समय सीमा 2 दिन और बढ़ाकर 29 जुलाई कर दी गई है। जबकि फार्मेसी के लिए ऑनलाइन कैप राऊंड तीन के वैकल्पिक फार्म को 28 जुलाई तक भरा जा सकेगा। वहीं एफवाई एमई और एम-टेक के विद्यार्थियों के रिपोर्टिंग तारीख बढ़ाकर 29 जुलाई की गई है। शनिवार को प्रदेश के उच्च व तकनीकी शिक्षा मंत्री विनोद तावडे ने यह जानकारी दी। 

चंद्रपुर के सिद्धीविनायक कॉलेज में फार्मास्युटिकल कोर्स शुरू करने मिली मंजूरी

चंद्रपुर के वरोरा स्थित सिद्धीविनायक कॉलेज ऑफ फार्मसी में फार्मास्युटिकल कोर्स शुरू किया जाएगा। राज्य सरकार ने इसी शैक्षणिक वर्ष 2019-20 से कॉलेज में फार्मास्युटिकल कोर्स शुरू करने की मंजूरी दी है। इस कोर्स के लिए 60 विद्यार्थी प्रवेश ले सकेंगे। सरकार के उच्च व तकनीकी शिक्षा विभाग की ओर से इस संबंध में शासनादेश जारी किया गया है। इसके अनुसार सरकार ने कॉलेज में फार्मास्युटिकल कोर्स शुरू करने की मंजूरी स्थायी बिना अनुदान पद्धति के आधार पर दी है। सरकार ने कहा है कि कॉलेज में दाखिले के लिए शुल्क नियामक प्राधिकरण द्वारा निश्चित की गई फीस से अधिक फीस वसूलने पर संस्था के खिलाफ महाराष्ट्र एजुकेशन इंस्टीट्यूशन कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी। कॉलेज को अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद के मानकों के अनुसार विद्यार्थियों के लिए प्रयोगशाला, वाचनालाय और कक्षाएं समेत अन्य सुविधाएं उपलब्ध करानी होगी। कॉलेज के पास फार्मास्युटिकल डिग्री कोर्स के लिए नई दिल्ली से फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया की मंजूरी नहीं मिली है। इसलिए संस्था को छह महीने के भीतर फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया की मंजूरी लेना होगा। 

सिपेट डिप्लोमा के लिए 30 तक आवेदन

उधर नागपुर में सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ प्लास्टिक्स इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (सिपेट) भारत सरकार के रसायन व पेट्रोरसायन विभाग तथा रसायन मंत्रालय की मान्यता प्राप्त आईएसओ प्रमाणित संस्था है। सिपेट संस्था भारतभर में प्लास्टिक तकनीक का प्रसार करने के लिए तथा प्लास्टिक अभियांत्रिकी आैर तकनीक के क्षेत्र में विशेष प्रशिक्षण प्रदान करती है। यह प्लास्टिक क्षेत्र और संबंधित उद्योगाें के विकास के लिए प्रशिक्षण, तकनीक और मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने का काम कर रही है। सिपेट चंद्रपुर के संयुक्त संचालक व प्रमुख मिलिंद कुमार भरने ने बताया कि महाराष्ट्र के चंद्रपुर में प्लास्टिक आैर संबंधित उद्योगों के क्षेत्र के मानव संसाधन व प्रशिक्षित कर्मचारियों की जरूरत पूरी करने और इस क्षेत्र के उद्योगाें को तकनीकी सहायता सेवा प्रदान करने के लिए केंद्र सरकार के संयुक्त प्रयत्नाें से सिपेट संस्था शुरू की गई है। सिपेट चंद्रपुर में शैक्षणिक वर्ष 2019-20 के लिए डिप्लोमा कोर्ससे के लिए प्रवेश प्रक्रिया शुरू है। डिप्लोमा कोर्सेस में तीन वर्ष कालावधि वाले डिप्लोमा इन प्लास्टिक्स टेक्नोलॉजी आैर डिप्लोमा इन प्लास्टिक्स मोल्ड टेक्नोलॉजी यह दो कोर्सेस उपलब्ध है। उत्तीर्ण विद्यार्थियों को देश और विदेशों में बहुराष्ट्रीय प्लास्टिक उद्योग में बड़े प्रमाण में रोजगार के अवसर उपलब्ध है। 10वीं या बारहवीं कक्षा उत्तीर्ण विद्यार्थी 30 जुलाई तक सिपेट चंद्रपुर में प्लॉट नं. 107/43, चव्हाण कॉलनी, तीर्थरूप नगर, चंद्रपुर में संपर्क करें।

खबरें और भी हैं...