दैनिक भास्कर हिंदी: अधर में लटकी विधानसभा के टीवी चैनल की योजना, यूट्यूब पर बढ़ रही दर्शकों की संख्या

June 7th, 2019

डिजिटल डेस्क, मुंबई। विधानसभा और विधान परिषद की कार्यवाही के लाइव प्रसारण के लिए महाराष्ट्र विधानमंडल का अपना टीवी चैनल शुरू करने की योजना फिलहाल अधर में दिखाई दे रही, पर विधानमंडल सचिवालय द्वारा शुरु यूट्यूब चैनल लोकप्रिय हो रहा है।
इंटरनेट के बढ़ते इस्तेमाल से यूट्यूब पर दोनों सदनों की कार्यवाही का सीधा प्रसारण टीवी चैनल का विकल्प बनता दिखाई दे रहा है। विधानमंडल के अधिवेशन के दौरान यूट्यूब पर किए जाने वाले लाइव प्रसारण को प्रतिदिन लगभग 8 से 10 हजार लोग देखते हैं। अधिवेशन शुरू होने पर विधानसभा और विधान परिषद की कार्यवाही का अलग-अलग लाइव प्रसारण यूट्यूब पर किया जाता है। जिसको विधानमंडल कार्यालयों के अलावा, मंत्रियों और विधायकों के स्टॉफ के लोगों के अलावा आम लोग भी देखते हैं। विधानमंडल सचिवालय के एक अधिकारी ने ‘दैनिक भास्कर’ से बातचीत में बताया कि सदन का कामकाज लगातार दिन भर चलने पर करीब 10 हजार लोग यूट्यूब पर लाइव प्रसारण देखते हैं। बजट पेश होने के वक्त दर्शकों की संख्या 25 हजार तक पहुंच जाती है। उन्होंने कहा कि विधानसभा की तुलना में विधान परिषद के कामकाज को कम देखा जाता है पर यदि विधान परिषद में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस बोलते हैं या फिर सदन में विपक्ष के नेता धनंजय मुंडे भाषण देते हैं तो लाइव प्रसारण देखने वालों की संख्या बढ़ जाती है। 

विधायक अपने इलाके के लोगों को भेजते हैं लिंक 

अधिकारी ने कहा कि यूट्यूब पर विधानसभा और विधान परिषद के प्रसारण के लिए अलग-अलग पंजीयन कराया गया है। हमने वाट्सएप पर एक ग्रुप बनाया है। सदन का कामकाज शुरू होते ही यूट्यूब का लिंक ग्रुप में पोस्ट किया जाता है। सोशल मीडिया के माध्यम से हजारों लोगों तक यह लिंक पहुंच जाता है। यदि कोई विधायक अपने विधानसभा क्षेत्र की समस्या को सदन में उठाता है तो उस समय उनके पीए क्षेत्र के लोगों को यूट्यूब का लिंक भेजते हैं। जिससे विधायक के विधानसभा क्षेत्र के लोग लाइव प्रसारण देख पाते हैं। महाराष्ट्र विधानमंडल की वेबसाइट पर भी सदन के कामकाज का लाइव प्रसारण देखा जा सकता है। 

आघाडी सरकार के समय बनी थी चैनल शुरु करने की योजना 

राज्य की आघाडी सरकार के समय विधानमंडल सचिवालय ने लोकसभा-राज्यसभा की तर्ज पर महाराष्ट्र विधानमंडल के कामकाज के सीधा प्रसारण के लिए सेटेलाईट चैनल शुरु करने की योजना बनाई थी। लेकिन आज तक यह योजना सिरे नहीं चढ़ सकी। सूत्रों के अनुसार फिलहाल इससे संबंधित फाईल वित्त विभाग में अटकी पड़ी है। 


    

 
 

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