दैनिक भास्कर हिंदी: अवैध रुप से रह रहे 12 बांग्लादेशियों को एटीएस ने किया गिरफ्तार, अवैध नाइजीरियन पर भी शिकंजा

December 17th, 2019

डिजिटल डेस्क, मुंबई। नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) को लेकर हो रहे विवाद के बीच आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) ने महानगर से सटे बोइसर इलाके से 12 बांग्लादेशियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में 9 महिलाएं और 3 पुरुष हैं। पुलिस का दावा है कि पकड़े गए बांग्लादेशी बिना वैध दस्तावेजों के चोरी छिपे भारत में दाखिल हुए थे। पालघर एटीएस की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर सभी आरोपियों को बोइसर के यशवंत सृष्टि इलाके से जाल बिछाकर पकड़ा है। पकड़े गए आरोपी इलाके में लोगों के घरों में काम करके गुजर बसर करते थे। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे बिना वैध कागजात के चोरी छिपे सीमा पार कर बांग्लादेश से भारत में दाखिल हुए थे और वहां से वे मुंबई से सटे पालघर जिले में पहुंचे थे। आरोपियों के खिलाफ बोइसर पुलिस स्टेशन में भारतीय पासपोर्ट कानून और विदेशियों से जुड़े कानून की संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। कोर्ट में पेशी के बाद सभी आरोपियों को पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। पकड़े गए आरोपियों के नाम इस्माल शेख, फिरोज खान, ईरान खान, राबिया काजी, राणुमोल्ला शोद्यत, नूरजहां शेख, माबिया शिकदार, सोनाली मुल्ला, शेनाज शेख, नाजिया शेख, शुमी शेख, शिरीना शेख हैं। 
 
अवैध नाइजीरियाईन पर भी एफआईआर

पालघर पुलिस ने नालासोपारा इलाके में अवैध रुप से रह रहे चार नाइजीरियाई मूल के लोगों के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज की है। आरोपी नालासोपारा में स्थित कंचन गंगा नाम की इमारत में किराए के तीन फ्लैट में रहते थे। नालासोपारा पुलिस ने ओगबुउ डोकासिरील, चिक्वुदेबेरेओन काक्रिस्टीयन, पेकुलाओराडिया और चिजीओके ओझोमेना नाम के आरोपियों के खिलाफ भारतीय पासपोर्ट कानून और विदेशियों से जुड़े कानून के तहत एफआईआर दर्ज की गई है।  

चंद्रपुर से गांजा बेचने पहुंचे पांच गिरफ्तार

मुंबई पुलिस  की अपराध शाखा ने चंद्रपुर से मुंबई गांजा बेचने पहुंचे पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में से एक ने खुद गांजा उगाने की जानकारी दी जबकि दूसरे आरोपियों ने महाराष्ट्र-आंध्रप्रदेश सीमा पर रहने वाले आदिवासियों से गांजा खरीदा था। आरोपियों को बोरिवली इलाके से गिरफ्तार किया गया है जहां वे तय सौदे के मुताबिक गांजा खरीदार को पहुंचाने आए थे। गिरफ्तार आरोपियों के नाम दत्ता ठोंबरे, अमर कांबले, रामू वाघमारे, सुधाकर कदम और अक्षय राठौड़ है। पकड़े गए आरोपियों में से चार कुंभेझरी जबकि एक घारपना इलाके का रहने वाला है। पुलिस के मुताबिक अपराध शाखा यूनिट 11 की टीम ने आरोपियों को शक के आधार पर रोककर पूछताछ की तो मामले का खुलासा हुआ। ठोंबरे ने बताया कि उसने अपनी जमीन पर छह किलो गांजा उगाया था जिसके लिए उसे ग्राहक की तलाश थी। इसी तरह दूसरे आरोपियों ने भी आदिवासियों ने गांजा खरीदा था और उसे बेंचने के लिए मुंबई पहुंचे थे। पुलिस के मुताबिक कदम और राठौड ने गांजे के लिए ग्राहक खोजा था लेकिन वे उस तक नशे की खेप पहुंचा पाते इससे पहले ही पुलिस के हत्थे चढ़ गए। आरोपियों के खिलाफ बोरिवली पुलिस स्टेशन में एनडीपीएस कानून की संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। 

डार्क वेब का इस्तेमाल कर विदेश से मंगाया था गांजे का बीज, क्रिप्टो करंसी से किया भुगतान

घर में अत्याधुनिक तकनीक से गांजा उगाने के मामले में पुलिस ने एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपी ने डार्क वेब के जरिए विदेश से गांजे की उच्च गुणवत्ता का बिया और दूसरे नशीले पदार्थ मंगाए थे। छानबीन में यह भी खुलासा हुआ है कि आरोपी ने पैसे के भुगतान के लिए प्रतिबंधित बिटकॉइन और दूसरी क्रिप्टो करंसी का इस्तेमाल किया है। गिरफ्तार आरोपी का नाम फ्रेनिक्स राजैया है। राजैया से पहले अपराध शाखा ने मामले में निखिल शर्मा नाम के आरोपी को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने शर्मा के पास से गांजा और एम डी बरामद किया था। पूछताछ में उसने बताया था कि बरामद गांजा उसने अपने दोस्त के चेंबूर इलाके में स्थित घर में अत्याधुनिक तरीके से उगाया था। घर में गांजा उगाने के लिए आरोपी हाइड्रोपोनिक ग्रो सिस्टम का इस्तेमाल कर रहे थे। आरोपियों के पास से पुलिस ने गांजा उगाने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले आधुनिक उपकरणों के साथ-साथ विदेशी गांजे के बीज बरामद किए थे। पूछताछ में शर्मा ने बताया था कि उसके दोस्त ने इंटरनेट के इस्तेमाल से विदेश से गांजे के बीज और एमडी मंगाई थी। सीनियर इंस्पेक्टर अशोक खोत की अगुआई में पुलिस ने जल्द ही राजैया को दबोच लिया। पूछताछ में राजैया ने भी हैरान करने वाला खुलासा किया। उसने बताया कि वह पकड़े जाने से बचने के लिए डार्कनेट का इस्तेमाल करता था। उसने ही विदेश से गांजे के उच्च गुणवत्ता वाले बीज मंगाए थे। इसके अलावा उसने एमडी भी मंगाई थी और इसके लिए क्रिप्टो करंसी से भुगतान किया था। 

बहन व उसके पति को मारने में नाकाम भाई ने खुद को गोली मारकर की आत्महत्या

प्रेम विवाह करने वाली बहन और जीजा की हत्या की कोशिश में नाकाम एक शख्स ने खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। वारदात महानगर के कांदीवली के समता नगर इलाके की है। दरअसल आरोपी छोटी बहन के दूसरी जाति के लड़के से प्रेम विवाह करने से नाराज था और इससे पहले उसे दो बार रिश्ता तोड़ने के लिए मनाने की कोशिश कर चुका था लेकिन बहन नहीं मानी तो उसने जीजा और बहन की हत्या की साजिश रच डाली। जिस शख्स ने आत्महत्या की उसकी पहचान बटुकेश्वर तिवारी (32) के रुप में हुई है। बटुकेश्वर की बहन वंदना ने इसी साल जून महीने में रोहित सिंह नाम के शख्स के साथ प्रेम विवाह कर लिया था। मूल रूप से उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले में रहने वाला रोहित पत्नी वंदना के साथ कांदीवली के जनता कालोनी में स्थित घर में रह रहा था। सोमवार रात नौ बजे के करीब तिवारी अपनी बहन के घर पहुंचा। पूर्व नियोजित साजिश के तहत वह अपने साथ शराब की बोतल और पिस्तौल लाया था। तिवारी ने रोहित को साथ में बैठकर शराब पीने को कहा लेकिन उसने इनकार कर दिया। अकेले शराब पीने के बाद तिवारी ने अपने बैग से पिस्तौल निकाली और रोहित और वंदना पर तान दी। उसने दोनों पर दो गोलियां चलाई लेकिन नशे में धुत होने के चलते उसका निशाना चूक गया। हालांकि एक गोली वंदना की नाक को छूते हुए निकली जिसके चलते उसे हल्का जख्म हुआ है। इसके बाद पति-पत्नी किसी तरह तिवारी को धक्का देकर बाहर निकले और घर का दरवाजा बाहर से बंद कर दिया। इसके बाद दोनों ने मामले की जानकारी पुलिस को दी। उधर पकड़े जाने के डर से तिवारी ने खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने तिवारी का शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस ने मौके से पिस्तौल और कई राउंड कारतूस बरामद किए हैं। समता नगर पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।