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शराब नहीं पिलाई तो बुजुर्ग पर कर दिया हमला, तोड़ दिया  पैर

शराब नहीं पिलाई तो बुजुर्ग पर कर दिया हमला, तोड़ दिया  पैर

डिजिटल डेस्क, नागपुर। जेल से बाहर आने के बाद शराब नहीं पिलाई तो एक व्यक्ति पर लकड़ी के रॉप्टर से हमला कर उसका पैर तोड़ दिया गया। जूनी कामठी थानांतर्गत घटना को अंजाम दिया गया। आरोपी को गिरफ्तार कर  जेल भेज दिया गया। 

जानकारी के अनुसार  जख्मी मेहमूद अहमद ताज मोहम्मद (60), सूफी नगर निवासी है। आरोपी आकीब अय्याज उर्फ चाटी अहमद (28), बुनकर कालोनी, नागपुर निवासी है। दो वर्ष पहले मेहमूद का भाइयों से किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। इस मामले में मेहमूद को गिरफ्तार कर जेल दिया गया था। मेहमूद की जेल में आकिब से मित्रता हुई थी। आकिब चोरी के एक मामले में जेल में बंद था। जेल में आकिब मेहमूद का ध्यान रखता था। उसके कपड़े आदि धो देता था। जेल से बाहर आने के बाद आकिब भी चाहता था कि, जेल में की गई मदद के बदले में अब मेहमूद उसे खिलाए-पिलाए। जब भी दोनों की मुलाकात होती थी तो आकिब उसे शराब पिलाने के लिए कहता था। धीरे-धीरे मेहमूद ने आकिब से दूरी बना ली थी। वह शराब पिलाने से मना कर देता था। शनिवार-रविवार की दरम्यानी रात जब मेहमूद जय अंबे नामक वाइन शॉप के बाजू में साेया था, तभी आकिब ने लकड़ी के रॉप्टर से मेहमूद पर हमला बोल दिया। इस हमले में मेहमूद के एक पैर की हड्डी टूट गई। शनिवार को अवकाशकालीन अदालत में पेश कर आकिब को जेल भेज दिया गया है। जंाच जारी है। 

शराब परोस रहे 4 होटलों पर कार्रवाई, 30 हिरासत में

स्टेट एक्साइज विभाग ने ग्राहकों को भोजन के साथ शराब परोसने वाले 4 होटलों पर छापा मारकर 30 लोगों को हिरासत में लिया। पांचपावली पुलिस थाने की हद में आने वाले जय दुर्गा भोजनालय, शेख वहाब होटल दिल्ली दरबारी व वाड़ी  पुलिस थानांतर्गत निर्वाणा ढाबा व रॉयल गार्डन पर छापामार कार्रवाई की गई। हिरासत में लिए लोगों पर महाराष्ट्र शराब बंदी कानून 1949 की धारा 68 के तहत कार्रवाई की गई। चारों जगहों से आरोपियों सहित 15 हजार से ज्यादा का माल जब्त किया गया। आरोपियों में होटल मालिक रोशन चौधरी, शेख साजिद शेख चांद, धर्मेंद्र केशवानी, नितीन राजेश, मोहन कुमार वासवानी, अमित मुखर्जी, मनीष पिल्लेवार, नौशाद अंसारी, सोनल चव्हाण शामिल हैं। अधीक्षक प्रमोद सोनोने के मार्गदर्शन व निरीक्षक रावसाहब कोरे व अशोक शितोले के नेतृत्व में की गई कार्रवाई में  दुय्यम निरीक्षक पूजा रेखे, सागर धिडसे, सहायक उप-निरीक्षक कवडू रामटेके, जवान रमेश कांबले, महादेव कांगने शामिल थे। 

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Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।