दैनिक भास्कर हिंदी: ऑटोमोबाइल डीलर ने दाम की जानकारी छुपाई ,लगाया लाखों का चूना, मामला दर्ज

June 15th, 2019

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। वाहन की वास्तविक कीमत छिपा कर रोड टैक्स का एक बड़ा हिस्सा हजम कर, शासन को लाखों रूपये का चूना लगाने का बड़ा मामला सामने आया है। मामला प्रदेश के शहडोल जिले का है, जहां के एक ऑटोमोबाइल डीलर ने पिछले चार साल के दरम्यान जो कारें बेचीं उनमें से कई वाहनों की ग्राहक से तो पूरी कीमत और उस हिसाब से रोड टैक्स व पंजीयन शुल्क सहित वैट व सीएसटी भी वसूला, लेकिन सरकारी महकमों को कार की कीमत एक-एक लाख रूपए तक कम बता कर टैक्स का एक बड़ा हिस्सा दबा लिया। एक शिकायत के बाद जब मामला खुला और आरटीओ ने पड़ताल शुरू की तो करीब 250 वाहनों को बेचने के दौरान ऑटोमोबाइल डीलर द्वारा इस तरह की गड़बड़ी किया जाना पाया गया। आरटीओ द्वारा करीब 20 लाख रूपए के ऊपर का मामला बताया जा रहा है। जालसाजी व 420 के इस मामले में एफआईआर दर्ज हो चुकी है। परिवहन आयुक्त शैलेन्द्र श्रीवास्तव ने पूरे प्रदेश में डीलर्स द्वारा बेचे गये वाहनों के विक्रय दस्तावेजों की जांच कराये जाने के आदेश जारी कर दिए हैं।

इस तरह की गड़बड़ी

कंपनी अपना वाहन बाजार में लाने के साथ उसका मॉडल रेट (एक्स-शो रूम प्राइज) परिवहन विभाग के ग्वालियर स्थित सेंट्रल सर्वर में दर्ज कराती है। आरटीओ इसी कीमत पर रोड टैक्स व पंजीयन शुल्क लगाता है। इसी में एक नियम यह है कि जब भी कंपनी अपने किसी वाहन या मॉडल का रेट बदलेगी, डीलर आरटीओ में तत्काल नई कीमत दर्ज कराएगा। 2014-15 से शासन द्वारा डीलर पाइंट पर व्हीकल इनरोलमेंट की प्रक्रिया शुरू किये जाते ही डीलर ने इस नियम का फायदा उठाया। कंपनी ने कार की कीमत बढ़ाई तो डीलर ने अपने वीआईडी में उसे दर्ज नहीं किया और पुरानी कीमत पर वाहनों के पंजीयन कराता रहा। वाहन खरीदने वालों से डीलर बढ़ी हुई कीमत और उस पर रोड टैक्स, पंजीयन शुल्क, वैट, सेल टैक्स व व्हीकल इंश्योरंस का पैसा लेता रहा। ऐसा करने के लिए वह दो अलग-अलग बिल बनाता था, पहला ओरीजनल बढ़ी हुई कीमत व टैक्स का बिल ग्राहक को देता था, पुरानी कीमत पर बनाया गया दूसरा बिल आरटीओ में भेजता था और पुरानी कम कीमत पर रोड टैक्स, पंजीयन शुल्क आदि भरता था। 

इनका कहना है

आईजी (शहडोल) को प्राप्त शिकायत के बाद विभाग ने जांच की तो डीलर द्वारा कार की वास्तविक कीमत छिपा कर, रोड टैक्स कम चुकाये जाने की बात प्रमाणित हुई है। वाहनों के पंजीयन दस्तावेज आदि की जांच जारी है। करीब 250 वाहनों की बिक्री व पंजीयन में इस तरह की गड़बड़ी कर करीब 20 लाख रूपये का गोलमाल किये जाने की आशंका है। जैसे-जैसे मामले पुष्ट होते जा रहे हैं डीलर से जुर्माने सहित चोरी की गई टैक्स राशि जमा कराई जा रही है। 
- आशुतोष भदौरिया, संभागीय परिवहन अधिकारी (शहडोल)

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