नागपुर: अंगदान के प्रति जागरूकता की आवश्यकता

November 27th, 2022

डिजिटल डेस्क, नागपुर. अंगदान के लिए बड़े पैमाने में जागरूकता की आवश्यकता है। इसके लिए समाज के हर व्यक्ति को आगे आना चाहिए। ऐसा आह्वान मेडिकल की पूर्व अधिष्ठाता डॉ. विभावरी दाणी और डाॅ. रवि वानखेड़े ने किया। ज्येष्ठ नागरिक प्रतिष्ठान की प्रबोधन समिति की ओर से दत्ता मेघे कॉलेज में आयोजित दो दिवसीय व्याख्यान माला के प्रथम पुष्प कार्यक्रम में वे बोल रहे थे। अंगदान महादान विषय पर डॉ. रवि वानखेड़े और अंगदान में नागपुर का योगदान विषय पर डॉ. विभावरी दाणी ने विचार रखे। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रतिष्ठान के कार्याध्यक्ष व पूर्व सांसद दत्ता मेघे ने की। उपाध्यक्ष प्रा. अनिल सोले, पूर्व विधायक अशोक मानकर, सचिव डॉ. राजू मिश्रा, सुरेश कर्दले, कमलेश राठी, दीपक नक्षीणे, सुनील अड़वे प्रमुखता से उपस्थित थे। 

एक नेत्र आठ लोगों को दृष्टि दे सकता है : डॉ. वानखेड़े

डॉ. वानखेड़े ने अंगदान का महत्व समझाते हुए जरूरतमंद व्यक्ति के लिए अंग कितना उपयोगी हो सकता है, इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि, उन्होंने उनके मित्र सलीम चिमठानवाला को किडनी दान कर जीवनदान दिया है। उन्होंने कहा कि, मृत्यु के बाद एक नेत्र आठ जरूरतमंद लोगों दृष्टि दे सकता है। 

प्राचीन काल से चली आ रही परंपरा

अंगदान में नागपुर का योगदान विषय पर डॉ. दानी ने कहा कि, प्राचीन काल से अंगदान की प्रथा चली आ रही है। ब्रेन डेड व्यक्ति के अंगों का लाभ किसी जरूरतमंद मरीज को कैसे हो सकता है, इसकी जानकारी दी। इसलिए देश के बड़े शहरों में अंगदान केंद्रों की स्थापना करना जरूरी है। नागपुर में अब तक 185 किडनी, 25 लीवर और एक हृदय का प्रत्यारोपण किया गया है। नागपुर शहर में सैकड़ों मरीज किडनी के इंतजार में हैं। प्राकृतिक रूप से मृत व्यक्ति के बारे में समय रहते जानकारी मिली, तो उसकी आंखें उपयोग में ली जा सकती हैं। उन्होंने बताया कि, अब त्वचा दान की भी शुरुआत हो चुकी है, इसलिए अंगदान के लिए आगे आना जरूरी है। प्रतिष्ठान के कार्यकारी अध्यक्ष दत्ता मेघे ने भी विचार रखे। प्रस्ताविक सुरेश कर्दले ने किया। संचालन डॉ. राखी खेड़ीकर ने एवं आभार प्रदर्शन डाॅ. मंगला गावंडे ने किया।