दैनिक भास्कर हिंदी: सार्वजनिक होगी पिछड़ा वर्ग आयोग की रिपोर्ट, इसके आधार पर मिला आरक्षण

January 28th, 2019

डिजिटल डेस्क, मुंबई। बांबे हाईकोर्ट ने मराठा समुदाय के आरक्षण को लेकर पिछड़ा वर्ग आयोग की ओर से तैयार की गई रिपोर्ट को सार्वजनिक करने से राज्य में कानून व्यवस्था बिगड़ने व तनावपूर्ण स्थिति पैदा होने की सरकार की आशंका को खारिज कर दिया है। अदालत ने सरकार को निर्देश दिया है कि वह रिपोर्ट के किसी हिस्से को छिपाए बगैर उसकी पूरी प्रति याचिकाकर्ताओं को उपलब्ध कराए। जस्टिस आरवी मोरे व जस्टिस भारती डागरे की बेंच ने मराठा समुदाय को शिक्षा व नौकरी में 16 प्रतिशत आरक्षण दिए जाने के विरोध में दायर कई याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान दिया सोमवार को यह निर्देश दिया। इस दौरान बेंच ने कहा कि हमने रिपोर्ट पर गौर किया है। याचिकाकर्ताओं को रिपोर्ट देना कोई चिंता की बात नहीं है।

राज्य सरकार ने पिछले दिनों पिछड़ा वर्ग आयोग की रिपोर्ट के आधार पर मराठा समुदाय को नौकरी व शिक्षा में 16 प्रतिशत आरक्षण देने के लिए विधानमंडल के शीककालिन अधिवेशन में विधेयक पारित किया था। रिपोर्ट में मराठा समुदाय की सामाजिक-आर्थिक व शैक्षणिक स्थिति का सर्वेक्षण शामिल है।

रिपोर्ट सौंपने में चिंता की बात नहीं
मामले की पिछली सुनवाई के दौरान राज्य के महाधिवक्ता आशुतोष कुंभकोणी ने आशंका जाहिर करते हुए कहा कि यदि रिपोर्ट की पूरी प्रति याचिकाकर्ताओं को प्रदान की जाती है, तो इससे कानून व्यवस्था बिगड़ा सकती है और सांप्रदायिक तनाव की स्थिति पैदा हो सकती है। इसलिए पूरी रिपोर्ट देने की बजाय याचिकाकर्ताओं को आंशिक रिपोर्ट देने का निर्देश दिया जाए। रिपोर्ट के 20 पन्ने में मराठा समुदाय के इतिहास को लेकर जानकारी दी गई है। इसलिए रिपोर्ट के इस हिस्से को ढक कर याचिकाकर्ताओं को रिपोर्ट सौंपी जाए। पिछले सप्ताह राज्य सरकार ने आयोग की रिपोर्ट हाईकोर्ट को सौंपी थी।

बेंच ने कहा कि हमने रिपोर्ट का अध्ययन किया है। इसलिए हमे महसूस होता है कि याचिकाकर्ताओं को रिपोर्ट का कोई हिस्सा हटाए बिना पूरी रिपोर्ट प्रदान की जाए। इसमें चिंता की कोई बात नहीं है। बेंच ने राज्य सरकार को मंगलवार तक सारी रिपोर्ट याचिकाकर्ताओं को सौंपने को कहा है। बेंच ने कहा कि हम 6 फरवरी से इस मामले की अंतिम सुनवाई की शुरुआत करेंगे। 

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