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बुरी खबर: शहडोल पहुंचा कोराना, सकते में प्रशासन

बुरी खबर: शहडोल पहुंचा कोराना, सकते में प्रशासन


 डिजिटल डेस्क शहडोल। कोरोना के एक भी पॉजिटिव केस नहीं मिलने के कारण शहडोल जिले को मिला ग्रीन जोन का दर्जा झिन सकता है। क्योंकि जिले के दो लोगों में कोरोना वायरस के पॉजिटिव लक्षण सामने आए हैं। यह दोनों मामले उन लोगों में पाए गए थे, जो बाहर से लौटे थे। दोनों ही लोग जिले के गोहपारू विकासखण्ड क्षेत्र के रहने वाले हैं। मामला पॉजिटिव आने के बाद जहां प्रशासन सकते में आ चुका है। पुष्ट सूत्रों के अनुसार गोहपारू ब्लाक अंतर्गत ग्राम बरेली निवासी 26 वर्षीय भरत सिंह तथा ग्राम लेदरा निवासी 15 वर्षीय मोनिका बैगा की रिपोर्ट पॉजिटिव पाई गई है। बताया गया है कि बरेली निवासी युवक महाराष्ट्र के अहमदनगर से जबकि लेदरा निवासी बालिका मप्र के विदिशा शहर से आई थी। दो दिन पहले आए दोनेां का सेंपल लेकर जांच के लिए भेजा गया था। दो दिन दिनों तक क्वेंरेंटाइन करने के बाद जाने दिया गया था। रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद पूरा प्रशासन दोनों गांव पहुंच गया। पुलिस प्रशासन के सहयोग से इलाके को सील करने की तैयारी की जा रही थी।
खांड़ में बाहर से आए 22 लोग क्वेरेंटाइन में-
जिले से कोरोना वायरस संक्रमण (कोविड-19) से बचाव हेतु कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी डॉ. सतेन्द्र सिंह द्वारा दिए गए निर्देश के परिपालन में मुख्य नगरपालिका अधिकारी नगर परिषद खांड (बाणसागर) ने जानकारी दी है कि 25 अपै्रल को नगर पंचायत खांड के वार्ड क्रमाक 1 से 8 में 9 श्रमिक तथा वार्ड क्रमाक 9 से 15 में एक मरीज रायपुर से गृह ग्राम खांड़ आए है, जिन्हें क्वारेंटाइन में रखा गया है। इसी प्रकार 26 अपै्रल को नगर परिषद खांड (बाणसागर) क्षेत्रान्तर्गत 1 (वार्ड क्रमांक 1 से 8) व सेक्टर 2 (वार्ड क्रमांक 9 से 15) में बाहर से आये हुए श्रमिक वर्ग एवं अन्य कामगार व्यक्ति जो मजदूरी एवं अन्य कार्यों से अस्थायी रूप से बाहर रह रहे थे वे व्यक्ति लॉक डाउन होने के कारण वहां से अपने गृह ग्राम खांड आ रहे है, जिनकी पहुंचने की सूचना स्थानीय निकाय के वार्डवार ड्यिूटी लगाये कर्मचारियों द्वारा थाना प्रभारी देवलोंद तथा अन्य माध्यम से प्राप्त हुई हैं। मुख्य नगरपालिका अधिकारी नगर परिषद्  खांड (बाणसागर) ने बताया है कि बाहर से आये हुए श्रमिक जिन्हें क्वारेंटाइन में रखा गया है उनकी संख्या 22 है वे विदिशा से गृह ग्राम खांड आए हुए हैं उसकी सूची स्वास्थ्य परीक्षण के लिए स्वास्थ्य केन्द्र भेजी गई ताकि उनका स्वास्थ्य परीक्षण किया जा सके।
बाहर फंसे 1233 श्रमिकों को दी वित्तीय मदद-
अनूपपुर जिले के अन्य राज्यों मे निवास कर रहे प्रवासी श्रमिकों की सहायता हेतु कलेक्टर चंद्रमोहन ठाकुर द्वारा प्रदेशवार नोडल अधिकारियों की टीम का गठन किया गया है। उक्त टीम द्वारा अब तक जि़ले के 4507 श्रमिकों व्यक्तियों को सम्बंधित प्रदेश के स्थानीय प्रशासन से सम्पर्क कर सहयोग उपलब्ध कराया गया है। जिनमे से 3598 श्रमिक हैं। उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश शासन द्वारा प्रदेश के ऐसे मजदूर जो अन्य राज्यों में फंसे हुये हैंए की तात्कालिक आवश्यकता जैसे भोजन दवाई आदि के लिये मुख्यमंत्री प्रवासी मजदूर सहायता योजना प्रारंभ की गई है। जिसके अंतर्गत जि़ले के 1233 प्रवासी श्रमिकों को अब तक मुख्यमंत्री प्रवासी मज़दूर सहायता योजनांतर्गत 12 लाख 33 हजार रुपये 1000 रुपये प्रति व्यक्ति के मान सेद्ध की राशि का भुगतान किया जा चुका है।
भारी न पड़ जाए ऐसी लापरवाही-
बताया गया है कि जिन दो लोगों में पॉजिटिव रिेपोर्ट मिले हैं उन्हें संबंधित क्षेत्र के कैंपों में दो तीन दिन रखकर छोड़ दिया गया था। पता चला है कि रिपोर्ट आने के पहले ही जाने दिया गया था। वहीं जिले में लगातार लोगों का आना हो रहा है। जो लोग आ रहे हैं उनकी प्रारंभिक जांच के बाद जरूरत पडऩे पर ही सेंपल लिए जा रहे हैं और घर में ही क्वेंरेंटाइन की सलाह दी जा रही है। चर्चा है कि यदि बाहर से जिन लोगों को घर में ही क्वेंरेंटाइन के लिए भेजा गया है यदि पॉजिटिव रिपोर्ट आती है तो मुश्किल हो जाएगी। क्योंकि राजस्थान वे सिंकराबाद से आए सहित पांच लोगों की रिपोर्ट आना बाकी है और वे घर में हैं।
क्षेत्र को सील करने व संपर्क वालों की पड़ताल-
पॉजिटिव मामला सामने आने के बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया है। क्योंकि अभी तक की सारी तैयारियों पर पानी फिर चुका है। दोनों गांवों में प्रशासन हरकत में आ चुका है। बरेली व लेदरा गांव को सील करने के साथ उन लोगों का पता लगाया जा रहा है जो दोनेां के संपर्क में आए थे। सभी को क्वेंरेंटाइन करने के साथ सेंपल लेने की तैयारी की जा रही थी। बताया जा रहा है कि इलाके में सनाका खिंचा हुआ है। तैयारियों को लेकर प्रशासनिक अधिकारियों से चर्चा का प्रयास किया गया लेकिन किसी ने मोबाइल रिसीव नहीं किया।
 

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Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।