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बलरामपुर : समावेशी विकास सबकी आस विषय पर मुख्यमंत्री ने मासिक रेडियोवार्ता कार्यक्रम में प्रदेशवासियों से की बात

September 15th, 2020 10:15 IST
बलरामपुर : समावेशी विकास सबकी आस विषय पर मुख्यमंत्री ने मासिक रेडियोवार्ता कार्यक्रम में प्रदेशवासियों से की बात

डिजिटल डेस्क, बलरामपुर। मास्क पहनकर एवं सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए लोगों ने सुनी लोकवाणी बलरामपुर 13 सितम्बर 2020 मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की मासिक रेडियो वार्ता लोकवाणी की 10 वीं कड़ी का प्रसारण क्षेत्रीय चैनलों एवं आकाशवाणी के माध्यम से किया गया। समावेशी विकास सबकी आस विषय पर बात करते हुए उन्होंने प्रदेशवासियों से अपने विचार साझा किये। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि समावेश का सरल अर्थ होता है समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर चलना, सभी की भागीदारी, सबके विकास की व्यवस्था। ‘सर्वे भवन्तु सुखिनः’ के वेदवाक्य में भी यही भावना है, जो हमारी सांस्कृतिक विरासत है। सवाल उठता है कि प्रचलित व्यवस्था में किसका समावेश नहीं है? कौन छूटा है? तो सीधा जवाब है कि जिसे संसाधनों पर अधिकार नहीं मिला, जिसके पास गरिमापूर्ण आजीविका का साधन नहीं है, विकास के अवसर नहीं हैं या जो गरीब है। वही वर्ग तो छूटा है। उन्होंने कहा कि हमारी प्रचलित अर्थव्यवस्था में किसान, ग्रामीण, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़ा वर्ग, महिलाओं की भागीदारी बहुत कम रही है। ऐसा नहीं है कि प्रयास शुरू ही नहीं हुए बल्कि यह कहना उचित होगा कि वह मुहिम कहीं भटक गई, कहीं जाकर ठहर गई। हमने इस दिशा में कार्य करते हुए समावेशी विकास का मार्ग प्रशस्त किया है। मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कहा कि राजीव गांधी किसान न्याय योजना’ का हमारे प्रदेश के 19 लाख किसानों को लाभ मिल रहा है। दो किस्तों में 3 हजार करोड़ का भुगतान हो चुका है। अब जल्दी ही पूरे 5700 करोड़ रू. भुगतान का वादा भी पूरा हो जाएगा। हमने न सिर्फ धान के किसानों को 2500 रूपए प्रति क्विंटल देने का वादा पूरा किया है, बल्कि मक्का, गन्ना के साथ छोटी-छोटी बहुत सी फसलों का भी बेहतर दाम देंगे। उन्होंने आगे कहा कि गोधन न्याय योजना के चालू होते ही गौठान निर्माण में तेजी आई है। हर 15 दिन में हम खरीदे गए गोबर का भुगतान कर रहे हैं। स्व-सहायता समूह से जुड़कर ग्रामीण महिलाएं गोबर खरीदकर, वर्मी कम्पोस्ट बना रही हैं। इस तरह से ग्रामीण जनता ही नहीं, बल्कि अनेक संस्थाओं को भी अपनी भूमिका निभाने का अवसर मिला है। मुख्यमंत्री ने 40 नए इंग्लिश मीडियम स्कूलों के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि इन स्कूलों में प्रवेश भी अब सम्मान का विषय बन गया है। ‘पढ़ाई तुंहर दुआर’ ‘पढ़ाई तुंहर पारा’, जैसे लोक अभियानों से हमने बच्चों को पढ़ाई से जोड़े रखा है। मार्च 2020 की स्थिति में केवल एम्स रायपुर में ही कोविड टेस्टिंग की सुविधा थी। जिसे बढ़ाना एक बड़ी चुनौती थी। आज की स्थिति में राज्य के सभी 6 शासकीय मेडिकल कॉलेज, 4 निजी लैब में आरटीपीसीआर टेस्ट, 30 लैब में ट्रू-नाट टेस्ट तथा 28 जिला अस्पतालों सहित सभी सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में रैपिड एंटीजन किट से टेस्ट की व्यवस्था कर दी गई है। मार्च 2020 में प्रदेश में कोरोना संक्रमित मरीजों के उपचार की सुविधा केवल एम्स रायपुर में थी, लेकिन राज्य शासन ने सुनियोजित कार्ययोजना से अब तक 29 शासकीय, 29 डेडिकेटेड कोविड हॉस्पिटल, 186 कोविड केयर संेटर की स्थापना कर दी है। 19 निजी अस्पतालों को भी उपचार हेतु मान्यता दी गई है। अपनी संस्कृति से लेकर जनता की आर्थिक स्थिति तक से सीधा जुड़ाव, उनकी स्वास्थ्य सेवाओं से लेकर, हर परिस्थिति में शिक्षा-दीक्षा के इंतजाम, पोषण और प्रगति के इंतजाम करना ही हमारा मुख्य उद्देश्य रहा है। लॉकडाउन के बीच भी पीडीएस, आंगनबाड़ी, मध्याह्न भोजन योजना, कुपोषण मुक्ति अभियान पूरी गति से चलता रहा, जिसके कारण कुपोषण की दर में भी कमी आई। ऐसे सभी प्रयास जो आम जनता या कमजोर तबकों को सीधे मदद करते हैं, ये सब समावेशी विकास के प्रयास ही हैं। जिसका नतीजा राज्य के सर्वांगीण विकास के रूप में मिल रहा है। मुझे यह कहते हुए खुशी हैकि छत्तीसगढ़ ने यह साबित किया है। लोकवाणी का आगामी प्रसारण 11 अक्टूबर, 2020 को होगा। विषय होगा ‘‘नवा छत्तीसगढ़, हमर विकास, मोर कहानी’’ इस विषय पर हमारे श्रोता अपने विचार 23, 24 एवं 25 सितम्बर 2020 के बीच रख सकेंगे। पहले की तरह ही आप दिन में 3 से 4 बजे के बीच इन फोन नम्बरों 0771-2430501, 2430502, 2430503 पर अपने सवाल रिकार्ड करा सकते हैं। समाचार क्रमांक 681

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