दैनिक भास्कर हिंदी: गांव की बेटी भावना ने फतह किया 8848 मीटर ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट

May 23rd, 2019

डिजिटल डेस्क, छिंदवाड़ा/परासिया। छिंदवाड़ा जिले के आदिवासी अचंल तामिया की 27 वर्षीय भावना डेहरिया ने 8 हजार, 848 मीटर ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट पर कदम रखकर फतह हासिल की है। अपने बुलंद हौसले और कठिन संघर्ष का यह कारनामा उसने 22 मई को कर दिखाया, जिसने छिंदवाड़ा सहित मध्यप्रदेश को गौरवान्वित किया। वही उसके माता-पिता बिटिया की कामयाबी से बहुत खुश हैं। वहीं पूरे गांव में उत्सव जैसा महौल है।

3 अप्रैल को निकली थी-
भावना डेहरिया मप्र की पहली ऐसी पर्वतारोही बन गई, जिसने सबसे कम उम्र में यह उपलब्धि हासिल कर ली। 3 अप्रैल को भावना ने पर्वतारोहण के लिए हिमालय की ओर रुख किया। ब्लाक कालोनी तामिया निवासी भावना डेहरिया वर्तमान में बीएनएस कालेज भोपाल में फिजिकल एजुकेशन में एमपीईडी मास्टर्स कोर्स कर रही हैं। वे छात्रसंघ की अध्यक्ष भी हैं। इससे पहले उन्होंने उत्तरकाशी में माउंटेनियरिंग का कोर्स किया है। उसके पिता मुन्नालाल देलाखारी में शिक्षक और मां उमादेवी गृहिणी और समाज सेविका है।

सीएम कमलनाथ से मिली थी आर्थिक मदद-
पर्वतारोही भावना डेहरिया को अपने एवरेस्ट मिशन को लेकर प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ से आर्थिक मदद मिली थी, जिससे उसका उत्साह बढ़ गया। एशियन ट्रेकिंग प्रायवेट लिमिटेड के माध्यम से उसने अपना यह सफर और लक्ष्य पूरा किया।

पर्वतारोहण के लिए देना चाहती है प्रशिक्षण -
भावना कहती है कि उसे बचपन से ही पहाड़ों से लगाव रहा है। ऊंचाइयों पर पहुंचकर उसे असीम आनंद की अनुभूति होती है। एवरेस्ट फतह के साथ वो अपनी जन्मभूमि का नाम गौरवान्वित करना चाहती थी। उसका कहना है कि अब वो अन्य लड़कियों को भी पर्वतारोहण के लिए प्रशिक्षित करना चाहती है।

गांव में उत्सव जैसा महौल-
भावना की सफलता के बाद उसके गांव तामिया में उत्सव जैसा महौल है। सभी भावना की जमकर तारीफ कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि भावना के कठिन परिश्रम से पूरे गांव का नाम रोशन हुआ है। वहीं भावना के घर पर भी लोग पहुंच रहे हैं और उसके माता-पिता को बधाईयां दे रहे हैं।