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सावरकर की जीवनी नागपुर  यूनिवर्सिटी केे पाठ्यक्रम में शामिल 

सावरकर की जीवनी नागपुर  यूनिवर्सिटी केे पाठ्यक्रम में शामिल 

 डिजिटल डेस्क, नागपुर ।  राष्ट्रसंत तुकड़ोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय ने आखिरकार अपने बीए प्रथम वर्ष के पाठ्यक्रम में विनायक दामोदर सावकर की जीवनी ‘माझी जन्मठेप’ (मेरी उम्रकैद) शामिल कर ली है। हाल ही में मराठी के बोर्ड ऑफ स्टडीज ने यह फैसला लिया है। बताया जा रहा है कि, जीवनी को पाठ्यक्रम में शामिल करने पर कुछ सदस्यों का विरोध था। उनका तर्क था कि, यह उपन्यास है, सावरकर की जीवनी नहीं,  लेकिन एक वर्ग के समर्थन के बाद इसे पाठ्यक्रम में शामिल कर लिया गया।

उल्लेखनीय है कि, दिसंबर-2019 में मराठी बोर्ड की अध्यक्ष डॉ. रेखा वडीखाए ने यह प्रस्ताव रखा था। जिस पर अन्य सदस्यों ने साफ lतौर पर असहमति दर्शाई थी। इस बारे तर्क पर तर्क रखे गए और बैठक में खासी गहमागहमी भी हुई थी। विवाद बढ़ता देख यूनिवर्सिटी ने फैसला होल्ड पर रखा था। उल्लेखनीय है कि, नागपुर विश्वविद्यालय पर लगातार पाठ्यक्रम के भगवाकरण के आरोप लग रहे हैं। बीते दिनों बीए के ही पाठ्यक्रम में ‘आरएसएस का राष्ट्र निर्माण में योगदान’ अध्याय शामिल करने के बाद देशव्यापी बहस छिड़ गई थी। सावरकर की जीवनी के साथ ही पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी पर लिखा गया एक लेख भी पाठ्यक्रम में शामिल किया जाएगा। आगामी शैक्षणिक सत्र से विद्यार्थी इसे पढ़ेंगे।  

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