दैनिक भास्कर हिंदी: खींच-तान : शिवसेना को मुख्यमंत्री पद नहीं देगी बीजेपी, विपक्ष की शह पर भी शाह की नजर

October 28th, 2019

डिजिटल डेस्क, मुंबई। महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री पद को लेकर भाजपा और शिवसेना के बीच जारी खींचतान जल्द खत्म होती नहीं दिख रही है। मुख्यमंत्री पद पर नजरें जमाई शिवसेना जहां सत्ता में 50 प्रतिशत भागीदारी लेने को आतुर है तो वहीं भाजपा उसकी यह शर्त्त मानने को तैयार नहीं है। जानकारी के मुताबिक भाजपा नेतृत्व ने तय किया है कि महाराष्ट्र का मुख्यमंत्री पद भाजपा के पास ही रहेगा। हरियाणा में मनोहर लाल के नेतृत्व में सरकार बनाने के बाद अब भाजपा की प्राथमिकता महाराष्ट्र है। इस क्रम में प्रदेश की सियासी गुत्थी सुलझाने के मकसद से भाजपा अध्यक्ष अमित शाह 30 अक्टूबर को मुंबई में शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे से मुलाकात कर सकते हैं। हालांकि इस मुलाकात को लेकर अभी कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है। सूत्र बताते हैं कि भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष जे पी नड्‌डा के मंगलवार को हिमाचल प्रदेश से दिल्ली लौटने के बाद ही यह तय होगा कि अमित शाह मुंबई जाएंगे या नहीं। शायद मुंबई के सियासी तापमान के हिसाब से शाह का कार्यक्रम तय होगा। यह भी संभव है कि अमित शाह के मुंबई नहीं जाने की सूरत में जे पी नड्‌डा को वहां भेज दिया जाए।  

उपमुख्यमंत्री पद व 40 फीसदी हिस्सेदारी देने की है योजना

भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री पद पर शिवसेना की ‘दावेदारी’ को महज दबाव की रणनीति बताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री पद शिवसेना के खाते में नहीं जा रहा है। उन्होने यहां तक कहा कि सत्ता में शिवसेना को 50 प्रतिशत हिस्सेदारी देने को लेकर भी अभी कोई फैसला नहीं हुआ है। सूत्र बताते हैं कि शिवसेना की जिद को देखते हुए भाजपा ने उसे उपमुख्यमंत्री पद और मंत्रिमंडल में 40 प्रतिशत हिस्सेदारी देने की योजना बनाई है। यदि शिवसेना ने उपमुख्यमंत्री पद पर जोर नहीं दिया तो उसे सरकार में 40 के बजाए 50 प्रतिशत हिस्सेदारी देने में भाजपा को कोई दिक्कत नहीं है।    

विपक्ष की शह पर है शाह की पैनी नजर

हालांकि अमित शाह राकांपा और कांग्रेस की ओर से शिवसेना को मिल रही ‘शह’ पर भी नजरें जमाए हुए है। पार्टी का मानना है कि विपक्ष की चाल में आकर शिवसेना मामले को कुछ दिन और लटका सकती है। ऐसे में सरकार गठन में देरी होने के आसार हैं। बता दें कि महाराष्ट्र चुनाव में भाजपा को सबसे ज्यादा 105 सीटें मिली है तो शिवसेना के खाते में 56 सीटें आई है। राकांपा और कांग्रेस को क्रमश: 54 व 44 सीटें मिली हैं।
 

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