गुरुवार से शुरु हो रहा बजट सत्र : बीजेपी की चेतावनी - नवाब मलिक के इस्तीफे के बगैर नहीं चलने देंगे सदन

March 1st, 2022

डिजिटल डेस्क, मुंबई। राज्य के बजट सत्र से ऐन पहले भाजपा मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा गिरफ्तार प्रदेश के अल्पसंख्यक विकास मंत्री नवाब मलिक के इस्तीफे की मांग को लेकर आक्रामक हो गई है। मंगलवार को कोल्हापुर में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष चंद्रकांत पाटील ने कहा कि बजट सत्र के पहले दिन गुरुवार को मलिक के इस्तीफे का मुद्दा सदन में उठाया जाएगा। यदि मलिक का इस्तीफा नहीं हुआ तो भाजपा सदन नहीं चलने देगी।  पाटील ने कहा कि मलिक का संबंध अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम से है। लेकिन मलिक का इस्तीफा न लेने वाली राज्य सरकार भी दाऊद का समर्थन कर रही है। मलिक के समर्थन में पूरे मंत्रिमंडल का उतरना आश्चर्यजनक है। पाटील ने दावा किया कि मलिक ने कुर्ला में दाऊद के लिए जमीन खरीदी थी। पाटील ने कहा कि सरकारी अधिकारियों की किसी मामले में गिरफ्तारी के 24 घंटे के भीतर निलंबित करना पड़ता है। यदि निलंबन में 24 घंटे से ज्यादा समय लगा तो उसकी जिम्मेदारी संबंधित मंत्री पर होती है। लेकिन यहां तो कैबिनेट मंत्री मलिक ईडी और राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के रडार पर हैं। जब तक मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे मलिक से इस्तीफा नहीं लेते हैं तब तक भाजपा का आंदोलन जारी रहेगा। 

शिवसेना पूछे क्यों नहीं दे मलिक इस्तीफा 

पाटील ने कहा कि ईडी ने कानूनी दायरे में रहकर मलिक को गिरफ्तार किया है। अब ईडी ने उनके बेटे फराज मलिक को समन भेजा है। फराज के खिलाफ भी कार्रवाई होगी। पाटील ने कहा कि राकांपा ने पिछले साल बजट अधिवेशन से पहले शिवसेना को विपक्ष के हंगामे का डर दिखाया था। जिसके बाद शिवसेना के तत्कालीन मंत्री संजय राठोड ने 28 फरवरी 2021 को इस्तीफा दे दिया था। अब शिवसेना को राकांपा से पूछना चाहिए कि आखिर मलिक इस्तीफा क्यों नहीं दे रहे हैं? पाटील ने कहा कि महाविकास आघाड़ी के नेता और मंत्री किसी न किसी मामले में हर दिन फस रहे हैं। शिवसेना के नेता तथा मुंबई मनपा में स्थायी समिति के अध्यक्ष यशवंत जाधव के ठिकानों पर आयकर के छापे पड़े हैं। राज्य मंत्रिमंडल में ऐसे मंत्रियों को ढुंढना दुर्लभ हो गया है जिन पर कोई आरोप न हो। 

 इस बीच एक सवाल के जवाब में पाटील ने कहा कि सरकार को फोन टैपिंग मामले में कार्रवाई के लिए कितने रोका है। सरकार कानून के आधार पर अदालत में मामला चला सकती है। जबकि भाजपा विधायक आशीष शेलार ने कहा कि मुख्यमंत्री को  राकांपा अध्यक्ष शरद पवार के दबाव के आगे झुकना नहीं चाहिए। मुख्यमंत्री को कहना चाहिए कि हम झुकेंगे नहीं।