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 यूरिया की कालाबाजारी, खाद बिक्री केंद्रों पर छापा -एक केंद्र का लाइसेंस निरस्त, एक का सस्पेंड

 यूरिया की कालाबाजारी, खाद बिक्री केंद्रों पर छापा -एक केंद्र का लाइसेंस निरस्त, एक का सस्पेंड

 डिजिटल डेस्क छिंदवाड़ृा। जिले में खरीफ सीजन के लिए पर्याप्त यूरिया का भंडारण होने के बाद भी खाद विक्रेता महंगे दामों में यूरिया बेच रहे हैं। किसानों की शिकायत पर कृषि विभाग के अमले ने बुधवार को चौरई क्षेत्र की चार खाद दुकानों पर दबिश देकर जांच की। जांच रिपोर्ट के आधार पर कृषि उप संचालक ने एक दुकान का लाइसेंस निरस्त करने, एक का लाइसेंस निलंबित करने की अनुशंसा की है तो दो दुकान संचालकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
कृषि उप संचालक जेआर हेडाऊ ने बताया कि जिले में यूरिया का कृत्रिम संकट पैदा कर कालाबाजारी पर नियंत्रण के लिए विशेष जांच दल बनाया गया है। बुधवार को जांच दल ने सिहोरामाल, माचागोरा की एक-एक और झिलमिली की दुकानों में जांच की। माचागोरा के किसान कमलेश सुलखिया और मोनू ठाकरे ने बयान दिया कि वे 2 जुलाई को यूरिया खरीदने गए थे। साहू कृषि केंद्र झिलमिली में 310 रुपए बोरी, गौरी खाद बीज भंडार सिहोरामाल में 320 रुपए बोरी और साक्षी कृषि केंद्र माचागोरा में 350 रुपए प्रति बोरी की दर बताई गई। दोनों किसानों ने यूरिया खरीदने के बजाय कालाबाजारी उजागर करने का निर्णय लिया।
नहीं मिले दस्तावेज
जांच दल को साहू कृषि केंद्र झिलमिली के गोदाम और दुकान में यूरिया की पंजी और दस्तावेज पूर्ण नहीं मिले। गौरी खाद बीज भंडार सिहोरामाल में यूरिया खरीदने वाले किसानों ने बताया कि दुकानदार ने प्रति बोरी 266 से 270 रुपए यूरिया दिया, लेकिन परिवहन सहित 300 रुपए बोरी लिए। यहां विक्रेता ने बोर्ड पर खाद का स्टाक और रेट नहीं लिखे थे। इन दोनों दुकानदारों को कारण बताओ नोटिस दिया गया है। वर्मा कृषि केंद्र झिलमिली में जांच दल का यूरिया का स्टाक निरंक मिला लेकिन यहां विक्रेता के दस्तावेज अपूर्ण मिले। इस दुकान का लाइसेंस निलंबित किया गया है।
सहकारी समिति के कर्मचारी की खाद की दुकान
साक्षी कृषि केंद्र माचागोरा में जांच दल को स्टाक रजिस्टर, बिल बुक, बिल फाइल सहित किसी भी तरह के दस्तावेज नहीं मिले। यहां किसानों ने बताया कि सेवा सहकारी समिति झिलमिली में पदस्थ सेल्समैन सह कंप्यूटर आपरेटर दुकान का संचालन करता है। समिति से यूरिया खरीदने वाले किसानों को दुकान के गोदाम से बोरी दी गई थी। साक्षी कृषि केंद्र माचागोरा का लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई की गई है।
खमरा के बीज भंडार का लाइसेंस सस्पेंड
कृषि विभाग के जांच दल ने बुधवार को खमरा के मालवीय बीज भंडार में अचानक दबिश दी। यहां संचालक द्वारा उर्वरक स्टाक रजिस्टर का संधारण नहीं किया जा रहा था। खाद के बिल, बिक्री बिल भी नहीं मिले। दुकान में स्टाक और रेट का बोर्ड भी नहीं मिला। जांच के दौरान निर्धारित मूल्य से ज्यादा दर पर खाद की बिक्री करना पाया गया। जांच प्रतिवेदन के आधार पर मालवीय बीज भंडार का लाइसेंस निलंबित किया गया।

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Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।