दैनिक भास्कर हिंदी: लॉकडाउन में नहीं खुले पर फीस वापस करने को तैयार नहीं हैं बोर्डिंग स्कूल, एक्ट्रेस ने लगाया धोखाधड़ी का आरोप 

May 25th, 2021

डिजिटल डेस्क, मुंबई। लॉकडाउन के दौरान स्कूल बंद होने के बावजूद निजी स्कूलों द्वारा मनमानी फीस वसूलने के आरोप लगातार लगते रहे हैं। ताजा मामले में फिल्म अभिनेत्री सपना सप्पू ने आरोप लगाया है कि नई मुंबई के पनवेल इलाके में स्थित ‘प्रूडेंस इंटरनेशनल स्कूल’ ने उनके पांच साल के बेटे की पढ़ाई के नाम पर 1 लाख 64 हजार रुपए वसूल लिए, जबकि बच्चा एक दिन भी इस बोर्डिंग स्कूल में नहीं गया। स्कूल प्रबंधन और फीस मांग रहा है और सपना ने दाखिला रद्द कर पैसे वापस मांगे तो स्कूल ने अपने नियमों का हवाला देते हुए इससे इनकार कर दिया।

सपना ने कहा कि सोशल मीडिया के जरिए मैं मुख्यमंत्री से लेकर स्कूली शिक्षामंत्री तक से मदद की गुहार लगा रही हूं, लेकिन अब तक कोई राहत नहीं मिली। उन्होंने कहा कि सिंगल मदर और कामकाजी होने के चलते मैं हमेशा बच्चे के साथ रहकर उसकी देखभाल नहीं कर सकती थी। इसीलिए उसका दाखिला बोर्डिग स्कूल में कराया था। स्कूल ने पहले रजिस्ट्रेशन के नाम पर 30 हजार रुपए लिए फिर फीस के नाम पर 1 लाख 34 हजार और ले लिए। सपना के मुताबिक स्कूल प्रबंधन ने उनसे कहा था कि लॉकडाउन के बावजूद बच्चे बोर्डिंग में पढ़ेंगे उसे इसकी इजाजत मिली है लेकिन बच्चा एक दिन भी स्कूल नहीं गया।

सपना ने कहा कि कामकाज ठप हैं और मैं भी आर्थिक तंगी से जूझ रहीं हूं। बच्चे के स्कूल गए बिना ऑनलाइन पढ़ाई के नाम पर इतनी मोटी फीस वसूली जा रही है।उन्होंने कहा कि बच्चा घर में रहकर पढ़ाई कर रहा है तो वे बोर्डिंग के पैसे क्यों चुकाएं। उन्होंने बच्चे का दाखिला रद्द कर पैसे वापस करने को कहा तो स्कूल प्रबंधन ने इससे इनकार कर दिया। सपना ने कहा कि अगर स्कूल ने पैसे वापस नहीं किए तो वे मामले की शिकायत पुलिस से करेंगी।

पढ़ाई ऑनलाइन, पर फीस वसूल रहे पूरी

वहीं इस स्कूल में बच्चों के दाखिले से जुड़े मामले देखने वाली संध्या कांबले ने कहा कि स्कूल की ओर से सिर्फ ऑनलाइन पढ़ाई के पैसे लिए जा रहे हैं। कोरोना संक्रमण के चलते फिलहाल बच्चों को बोर्डिंग में नहीं रखा गया है इसलिए इसके पैसे भी नहीं लिए गए हैं। उन्होंने कहा कि शिकायतकर्ता को इसकी जानकारी दे दी गई है कि नियमों के मुताबिक भरी हुई फीस वापस नहीं की जा सकती। कांबले ने कहा कि अभिभावकों को बच्चों की फीस और दूसरे खर्चों से जुड़ी जानकारी पहले ही दे दी जाती है इसलिए पैसे वापस न करने और बोर्डिंग के पैसे वसूलने के आरोप गलत है। जो फीस ली गई है वह ऑनलाइन पढ़ाई की है। आगे जब भी बच्चों को बोर्डिंग में रहने की इजाजत मिलेगी तो अभिभावकों से इसकी फीस ली जाएगी।

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