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स्वास्थ्य और पुलिसकर्मियों की कराई जाए कोरोना जांच

स्वास्थ्य और पुलिसकर्मियों की कराई जाए कोरोना जांच

डिजिटल डेस्क, नागपुर। सिजिटन्स फोरम फॉर इक्विलिटी ने बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर खंडपीठ में याचिका दायर करके कोरोना से जंग लड़ रहे डॉक्टरों, स्वास्थ्य कर्मियों, पुलिसकर्मियों और अन्य लोगों की कोरोना जांच का मुद्दा उठाया है। मामले में याचिकाकर्ता का पक्ष सुनकर न्या.मनीष पितले की खंडपीठ ने गुरुवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय, आईसीएमआर, नागपुर जिलाधिकारी और मनपा आयुक्त को नोटिस जारी कर 5 मई तक जवाब मांगा है।

याचिकाकर्ता के अधिवक्ता तुषार मंडलेकर ने हाईकोर्ट में दलील दी कि फ्रंटलाइन पर काम कर रहे ये लोग अपनी जान दांव पर लगा कर कोरोना से जंग लड़ रहे हैं। इस बीच एक बार भी जांच करके यह नहीं देखा गया कि ये लोग स्वस्थ हैं या नहीं। आईसीएमआर ने अभी सिर्फ लक्षण दिखने पर ही जांच करने का नियम बना रखा है। ऐसी स्थिति में कोरोना का प्रभाव लगातार बढ़ रहा है। ऐसी स्थिति में कोरोना वॉरियर्स की फौरन जांच होनी चाहिए। यहीं नहीं, इन लोगों की नियमित तौर पर जांच की व्यवस्था होनी चाहिए। ताकि किसी भी प्रकार की क्षति को समय रहते रोका जा सके। याचिका में सरकार द्वारा पुलिसकर्मियों की सुरक्षा के प्रति लापरवाही बरतने का भी आरोप लगाया गया है। याचिकाकर्ता के अनुसार कोरोना संक्रमण के बीच अपनी ड्यूटी निभा रहे पुलिसकर्मियों के लिए सरकार ने अब तक कोई गाइडलाइन नहीं बनाई है। हां, 55 वर्ष से अधिक उम्र के पुलिसकर्मियों को ड्यूटी से जरूर दूर रखा गया है। लेकिन यह पर्याप्त नहीं है।

मामले में केंद्र सरकार की ओर से एड.उल्हास औरंगाबादकर, राज्य सरकार की ओर से एड.सुमंत देवपुजारी और मनपा की ओर से एड.सुधीर पुराणिक ने पक्ष रखा।

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