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मनपा की लापरवाही से सिग्नल पर लगे ब्रेक, भगवान भरोसे 157 जंक्शन

मनपा की लापरवाही से सिग्नल पर लगे ब्रेक, भगवान भरोसे 157 जंक्शन

डिजिटल डेस्क, नागपुर। उपराजधानी में यातायात व्यवस्था को सुधारने के लिए कई तरह के बदलाव किए गए हैं। यातायात नियमों के उल्लंघन पर निगरानी रखने के लिए सीसीटीवी लैस जंक्शन भी बना दिए गए हैं। ट्रैफिक नियमों काे तोड़ने पर अब नागरिकों को सिपाही चालान नहीं देते हैं, बल्कि ऑनलाइन प्रक्रिया से मोबाइल पर चालान भेज दिया जाता है। इन तमाम प्रयासों के बावजूद नागरिकों को सुरक्षित यातायात देने के लिए ट्रैफिक विभाग और महानगरपालिका प्रशासन की मंशा नहीं दिखाई दे रही है। पिछले दो सालों में शहर के अलग-अलग इलाकों में मौजूद कुल 157 सिग्नलों में से अधिकतर स्थानों पर सिग्नल बंद हो चुके हैं। कई स्थानों पर नियमित रखरखाव और निरीक्षण के अभाव में चौराहे पर सिग्नल मुसीबत का कारण बन रहे हैं। इतना ही नहीं मेट्रो रेल के स्टेशन और रूट के पिलरों को तैयार करने के लिए सिग्नल व्यवस्था को बंद कर दिया गया है।

बेहद महत्वपूर्ण मुंजे चौक, धंतोली चौक, छावनी टी प्वाइंट, भरतनगर, गोरेवाड़ा समेत 23 स्थानों पर अब सिग्नल को चालू भी नहीं किया जा सकता है। ऐसे में नागरिकों को सिग्नल नहीं होने से खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कई जगहों पर लंबे समय तक ट्रैफिक जाम समेत कई तरह की समस्या पैदा हो रही है, लेकिन ट्रैफिक सिग्नलों की देखभाल और निगरानी करने वाले मनपा के ट्रैफिक विभाग को इसकी जानकारी नहीं है। शहर में ट्रैफिक सिग्नलों की जानकारी मांगने पर परिवहन और विद्युत विभाग से संपर्क करने का निर्देश दिया जाता है। मनपा की इस लापरवाही के चलते एक ओर नागरिकों को परेशान होना पड़ रहा है, वहीं दूसरी ओर सिग्नलों को दोबारा लगाने के लिए मेट्रो और लोकनिर्माण विभाग से निधि को वसूल करने में भी दिक्कत हो रही है।

पिछले साल दो सालों से शहर में सीमेंट रोड और मेट्रो के कामों में तेजी आई है। कई मार्गों पर मेट्रो पिलर और स्टेशनों के निर्माण कार्य के चलते रास्तों को बंद अथवा छोटा करना पड़ा है। वहीं दूसरी ओर सीमेंट रास्तों के चलते भी रास्तों की दिशा को बदलना पड़ा है। ऐसे में शहर के 157 ट्रैफिक सिग्नलों में से अधिकतर बंद हो चुके हैं। करीब 23 जगहों पर स्थायी रूप से सिग्नल व्यवस्था को ही बंद कर देना पड़ा है, लेकिन शहर के सिग्नलों की देखभाल और मरम्मत का जिम्मा संभालने वाला मनपा का ट्रैफिक विभाग पूरी तरह से आंखें मूंदे है। शहर में सिग्नलों के स्थायी और अस्थायी रूप से बंद होने के आंकड़ों के बारे में भी उसे कोई जानकारी नहीं है। इस विभाग में जानकारी मांगने पर विद्युत विभाग और परिवहन विभाग से संपर्क करने की सलाह दी जाती है। मनपा के ट्रैफिक विभाग की लापरवाही के चलते शहर में नागरिकों को खासी दिक्कतें उठानी पड़ रही हैं।

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Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।