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रिश्वत कांड: पीएसआई और एएसआई ने रचा था षडय़ंत्र, लोकायुक्त ने बनाया आरोपी

रिश्वत कांड: पीएसआई और एएसआई ने रचा था षडय़ंत्र, लोकायुक्त ने बनाया आरोपी


डिजिटल डेस्क छिंदवाड़ा। माउजर कांड में आरोपी न बनाने के एवज में एक लाख रुपए की रिश्वत की डिमांड करने वाली कोतवाली पुलिस की स्पेशल टीम को सोमवार को लोकायुक्त की टीम ने ट्रेप किया था। इस मामले में पहले दिन एक आरक्षक को आरोपी बनाया गया था। लोकायुक्त ने मंगलवार को प्रकरण में पीएसआई और एएसआई को भी आरोपी बनाया है। प्रकरण में भ्रष्टाचार अधिनियम की विभिन्न धाराओं के अलावा आपराधिक षडय़ंत्र रचने और जान से मारने की धमकी देने की धाराएं भी जोड़ी गई हैं।
लोकायुक्त एसपी अनिल विश्वकर्मा ने बताया कि टीम को लीड करने वाली पीएसआई अनिता सराठे और एएसआई असगर अली भी मामले में दोषी पाए गए है। इस वजह से आरक्षक के साथ उन्हें भी आरोपी बनाया गया है। वहीं फरार आरक्षक को पेश होने के लिए नोटिस जारी किया जाएगा। यदि वह लोकायुक्त के समक्ष पेश नहीं होता है, तो आगामी कार्रवाई के लिए न्यायालय की शरण ली जाएगी। आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम की धाराओं के अलावा भादवि की धारा 120 बी और 506 बढ़ाई गई है। गौरतलब है कि न्यूटन के गुलबादशाह अंसारी ने लोकायुक्त से शिकायत की थी कि माउजर मामले में आरोपी न बनाने के एवज में आरक्षक परवेज आजमी ने उससे रुपयों की मांग की है। इस शिकायत के आधार पर लोकायुक्त की टीम ने कोतवाली की पूरी टीम को ट्रेप किया था। कोतवाली की टीम की गाड़ी से एक लाख रुपए भी जब्त किए गए थे।
अधिकारियों की भूमिका जानने सौंपी जांच-
पुलिस अधीक्षक मनोज राय ने सोमवार देर रात पीएसआई अनिता सराठे, एएसआई असगर अली और आरक्षक परवेज को सस्पेंड कर दिया था। इस मामले में अधिकारियों की भूमिका जानने और टीम की कार्यप्रणाली की जांच के लिए सीएसपी अशोक तिवारी को निर्देश दिए गए है। एसपी मनोज राय का कहना है कि जांच के बाद स्पष्ट हो जाएगा कि किसकी क्या भूमिका थी। जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
सैनिक को कोतवाली से किया रिलीव-
कोतवाली की टीम में शामिल नगर सैनिक जीवन चौरे पर कार्रवाई के लिए पुलिस अधीक्षक मनोज राय ने होमगार्ड कमांडेंट स्नेहलता पाठ्या से पत्राचार किया था। कमांडेंट ने बताया कि कोतवाली से सैनिक को रिलीव करने पत्र लिखा गया था। रिलीव होने के बाद सैनिक जीवन की पेटी जमा करा ली गई है। जांच में दोषी पाए जाने पर उनकी सेवा समाप्त कर दी जाएगी।
पुलिस अधीक्षक को सौंपा ज्ञापन-
मंगलवार को जनसुनवाई के दौरान परासिया के कुछ रहवासियों ने पुलिस अधीक्षक से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। लोगों ने ज्ञापन के माध्यम से बताया कि गुलबादशाह और गुलफाम आदतन अपराधी है। दोनों अपराधियों ने मिलकर कोतवाली की टीम के खिलाफ लोकायुक्त से झूठी शिकायत कर फंसाया है। इस पर एसपी मनोज राय ने लोगों को मामले की स्पष्ट जांच कराने आश्वासन दिया है।

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Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

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ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।