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 बस ने बाइक को मारी टक्कर, दो की मौत - काफी दूर तक घसिट गया मृतक

 बस ने बाइक को मारी टक्कर, दो की मौत - काफी दूर तक घसिट गया मृतक

डिजिटल डेस्क सतना। मैहर थाना अंतर्गत राष्ट्रीय राजमार्ग-7 पर तेज रफ्तार बस ने बाइक को टक्कर मार दी, जिससे एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई, वहीं दूसरे की जबलपुर ले जाते समय सांसें थम गईं। पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक बरहिया निवासी शिवकुमार प्रजापति पुत्र चौरसिया प्रजापति 30 वर्ष और दिनेश प्रजापति पुत्र अगनुआ प्रजापति 38 वर्ष, गुरुवार शाम करीब 4 बजे मैहर से किराना का सामान खरीदकर बाइक क्रमांक एमपी-19एमएल-5513 से गांव लौट रहे थे। इस दौरान जैसे ही तृप्ती ढाबा और सीमेंट फैक्ट्री के बीच पहुंचे, तभी रीवा से आ रही पंचवटी ट्रेवल्स की बस क्रमांक एमपी-17पी-2111 के चालक ने लापरवाहीपूर्वक गाड़ी चलाते हुए बाइक को चपेट में ले लिया और काफी दूर तक घसीट ले गया। इस भीषण हादसे में बाइक चला रहे शिवकुमार की घटना स्थल पर ही मौत हो गई, जबकि दिनेश गंभीर रूप से घायल हो गया। उसको राहगीरों की सूचना पर तुरंत सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां से डाक्टर ने सतना रेफर कर दिया। यहां पर प्राथमिक उपचार कर बेहतर इलाज के लिए जबलपुर भेज दिया गया, लेकिन मैहर के पास उसने भी दम तोड़ दिया तो परिजन शव लेकर थाने पहुंच गए। लिहाजा पुलिस ने शव को मरचुरी में रखवा दिया, दोनों लाशों का पोस्टमार्टम शुक्रवार सुबह करवाया जाएगा। वहीं बस को जब्त कर थाना परिसर में खड़ा करा दिया गया है। 
ट्रक ने ऑटो को मारी टक्कर, दो गंभीर
मैहर थाना अंतर्गत सरलानगर के पास तेज रफ्तार ट्रक ने ऑटो को टक्कर मार दी, जिससे दो लोग घायल हो गए। पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक तेंदुहटा निवासी अच्छेलाल चौधरी अपने दोस्त सुरेन्द्र चौधरी के साथ ऑटो क्रमांक एमपी-19आर-6597 को लेकर गुरुवार शाम को मैहर से सरला नगर की तरफ जा रहा था। इसी दौरान टीबीसीएल टोल प्लाजा के पास अज्ञात ट्रक के चालक ने ओवर टेक करने के प्रयास में पीछे से ऑटो को जोरदार टक्कर मार दिया, जिससे दोनों युवक ऑटो समेत उछल कर दूर जा गिरे। वहीं चालक ट्रक लेकर भाग निकला। इस हादसे में घायल युवकों को सिविल अस्पताल लाने के लिए टोल प्लाजा प्रबंधन से एम्बुलेंस की मांग की गई, लेकिन मदद नहीं मिली, तब पुलिस को सूचित करते हुए ऑटो रिक्शा से अस्पताल भेजा गया। बताया गया है कि दोनों की हालत चिंताजनक बनी हुई थी। 
 

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।