comScore

संतान प्राप्ति की दवा देकर दंपति को बेहोश कर नकदी समेत उड़ा ले गए जेवरात

संतान प्राप्ति की दवा देकर दंपति को बेहोश कर नकदी समेत उड़ा ले गए जेवरात


डिजिटल डेस्क पांढुर्ना/छिंदवाड़ा। संतान प्राप्ति की दवा देने के बहाने एक शातिर लुटेरे ने शहर के राधाकृष्ण वार्ड में रहने वाले नि:संतान दंपति को नशीली दवा खिलाकर बेहोश कर दिया और उनके घर से नकदी समेत सोने-चांदी के महंगे आभूषण उड़ा लिए। यह घटना शनिवार की रात करीब 10.30 बजे हुई, जिसके बाद से रविवार की सुबह तक दंपति घर में ही बेहोश पड़े रहे।
मिली जानकारी के अनुसार राधाकृष्ण वार्ड में रहने वाले लक्ष्मीकांत उर्फ गोलू पिता विनायक उमाठे (45) घर के सामने ही बालाजी ज्वेलर्स के नाम से सोने-चांदी के आभूषण की दुकान चलाते है। वहीं उनकी पत्नी वैष्णवी घर पर ही सौंदर्य ब्यूटी पार्लर चलाती है। रविवार की सुबह उनके पड़ोस में रहने वाली सुनिताबाई उमाठे जब फूल लेने लक्ष्मीकांत के घर पहुंची तो दोनों पति-पत्नी बेहोशी की हालत में पड़े दिखे। आवाज लगाने पर दोनों के नही उठने पर यह बात सुनिताबाई ने तत्काल अन्य लोगों को दी। जिसके बाद इसकी सूचना पुलिस को भी देते हुए दंपति को सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया।
संतान प्राप्ति की दवा देने आए संदिग्ध पर पूरा शक
 बताया जा रहा है कि लक्ष्मीकांत और वैष्णवी की शादी को करीब सत्रह साल होने के बावजूद वे नि:संतान है। जिसके चलते वे यवतमाल में रहने वाले अपने भाई के जरिए एक ईरानी चिकित्सक से संतान प्राप्ति की दवा ले रहे है। शनिवार की रात घटना के पहले करीब 10.30 बजे साढ़े पांच फीट का एक लंबा आदमी लक्ष्मीकांत के घर आया था। संभवत: उसी ने दोनों को संतान प्राप्ति की दवा देने के बहाने नशीली दवा खिलाकर बेहोश किया और शरीर पर मौजूद आभूषणों के साथ अन्य सारा माल साफ कर लिया। चूंकि लक्ष्मीकांत ज्वेलर्स संचालक है, तो दुकान के सोने-चांदी के आभूषण भी घर पर ही थे। वह भी संदिग्ध आरोपी ने लूट लिए।
दो दिन पहले भी पांढुर्ना आया था यह आदमी
दंपति को बेहोश कर लूट को अंजाम देने वाला संदिग्ध आदमी दो दिन पहले भी पांढुर्ना आया था। घटना वाले दिन शनिवार को संदिग्ध आदमी लक्ष्मीकांत उमाठे का घर पूछते हुए मोहल्ले में घूम रहा था। इस दौरान वह मोहल्ले में ही रहने वाले एक अन्य लक्ष्मीकांत पिता रमेशचंद्र उमाठे के घर पहुंच गया था। तब उन्होंने आगे की गली में सौंदर्य ब्यूटी पार्लर वाले मकान में जाने कहा था। लक्ष्मीकांत ने बताया कि दो दिन पहले यह व्यक्ति पांढुर्ना आया था और उससे जैस्वाल ज्वेलर्स के पास मुलाकात भी हुई थी। इस तथ्य के आधार पर पुलिस ने जैस्वाल ज्वेलर्स में लगे सीसीटीवी से भी संदिग्ध के सुराग जुटा लिए है। जिसके आधार पर उसकी तलाश शुरू कर दी है।
इनका कहना:
यह मामला जहरखुरानी कर ठगी का है। संदिग्ध व्यक्ति जाते-जाते फरियादी का मोबाइल भी ले गया। जिसके आधार पर उसकी आखरी लोकेशन मिली है। फरियादी के भाई से संदिग्ध के अन्य मोबाइल नंबर लेकर उसका पता लगाया जा रहा है। संदिग्ध के शीघ्र ही पकड़े जाने की उम्मीद है।
-अरविंद जैन, टीआई, पुलिस थाना पांढुर्ना

कमेंट करें
t6C3z
NEXT STORY

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।