दैनिक भास्कर हिंदी: नागपुर के मेन बाजार में बेचा जा रहा गांजा, चोरी छिपे हो रही खरीद-फरोख्त

December 24th, 2018

डिजिटल डेस्क, नागपुर। क्राइम में दिन प्रतिदिन सामने आ रहे नागपुर का नाम इंटरनेशनल कई क्रिमिनल केसों में सामने आ रहा है। यहां अवैध धंधों का बोलबाला दिख रहा है। शहर के सीताबर्डी के इलेक्ट्रॉनिक मार्केट में गांजा बेचे जाने की जानकारी है। गांजे का शाैक रखने वालों के लिए यहां आसानी से यह उपलब्ध हो जाता है बशर्ते उसकी गांजा बेचने वाले व उनके सूत्रों से पहचान हो। यानि अनजान लोगों को बड़ी मुश्किल से गांजा मिलेगा। तेलीपुरा के इलेक्ट्रॉनिक मार्केट की संकरी गलियों में कितने लोग गांजा व नशीले पदार्थों के गोरखधंधे से जुड़े हैं यह कह पाना बेहद मुश्किल है। कहीं दुकानों से नशीला पदार्थ बेचा जाता है तो कहीं संभ्रात नजर आने वाले परिवार के सदस्यों द्वारा घर की महिलाओं के साथ मिलकर गांजे का कारोबार किया जाता है। इन गलियों में भटकते युवा गांजे की एक पुड़िया पाने के लिए उन सूत्रों की खोज में लगे रहते हैं जो दुकानों तक पहुंचाकर उन्हें गांजा दिला सकें।

कुछ नियमित ग्राहक हैं जिनके दस्तक देते ही गांजे के तथाकथित सौदागर अपनी दुकान उनके सामने खोल देते हैं। ऐसे ही एक युवक का पीछा किया गया तो इलेक्ट्रॉनिक मार्केट के एक मकान पर पहुंचकर गांजा की खरीद-फरोख्त कर रहे कुछ युवाओं को देखा गया। तेलीपुरा स्थित स्व. केशवप्रसाद अवस्थी अध्ययन कक्ष के पिछले हिस्से में एक छोटा सा धार्मिक स्थल है। इससे कुछ दूरी पर ही एक घर में गांजा बेचा जाता है। देखने में आया कि यहां दुकानदार जमा युवकों से बारी-बारी से पैसे लेकर उन्हें गांजे की पुड़िया थमा रहा था। देखते-ही-देखते अनेक युवकों ने गांजा खरीदा और यहां से चलते बने। व्यस्ततम इलाके में बेरोकटोक जारी इस अवैध धंधे ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठे हैं। शहर के कुछ अन्य इलाकाें की भी यही स्थिति है। मोमीनपुरा, मस्कासाथ, ताजबाग परिसर, टेका-नाका, गरीब नवाज नगर, वांजरा, हसनबाग, महल, मिर्ची बाजार, कॉटन मार्केट आदि इलाके हैं जहां की संकरी गलियों में गांजा व अन्य मादक पदार्थ बेचे जाते हैं। पानठेलों, चाय की टपरियों पर ही नहीं कुछ किराणा दुकानों में गांजा बेचा जा रहा है।

ड्रग- फ्री- नागपुर  मुहिम  की हवा निकली
उल्लेखनीय है कि तत्कालीन पुलिस आयुक्त के. वेंकटेशम द्वारा शहर को ड्रग फ्री करने के लिए विशेष मुहिम छेड़ी गई थी। इसके तहत अपराध शाखा पुलिस के मादक पदार्थ विरोधी दस्ते द्वारा जगह-जगह छापे मारे गए तथा नाकाबंदी कर मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले अनेक आरोपियों को धर दबोचा गया। आंकड़ों के मुताबिक 1 जनवरी से 30 नवंबर-2018 के दरम्यान इस दस्ते ने मादक पदार्थों का कारोबार करने वालों के खिलाफ 50 मामले दर्ज किए तथा 83 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इन आरोपियों के पास से मादक पदार्थों की बड़ी खेप तथा तस्करी में प्रयुक्त होने वाली सामग्री सहित कुल 2 करोड़ 72 लाख 23 हजार 390 रुपए का माल जब्त किया गया। बावजूद इसके शहर में मादक पदार्थों के अनेक अड्डे संचालित हो रहे हैं। पुलिस विभाग द्वारा इन अड्डों पर न तो छापे मारे जा रहे और न ही आरोपियों को पकड़ा जा रहा। शहर के बाजारों और सार्वजनिक स्थलों पर नशे में धुत आरोपी व मादक पदार्थों के विक्रेता पुलिस विभाग को खुलेआम चुनौती दे रहे हैं।